निजी नर्सिंग होम में हैं कुल 6256 सीटें
पटना : स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष से निजी नर्सिंग स्कूलों और कॉलेजों की आधी सीटें सरकारी कोटे से भरने का प्रावधान किया गया है. राज्य के निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की तर्ज पर नर्सिंग स्कूलों में दाखिला का प्रावधान किया गया है.
यह पहली बार हो रहा है कि राज्य में 96 एएनएम स्कूल और 45 जीएनएम स्कूल सरकार द्वारा आवंटित किये गये कोटे के तहत दाखिला लेंगे.
सरकारी कोटे के माध्यम से निजी क्षेत्र के एएनएम व जीएनएम स्कूलों में दाखिला लेने के लिए सरकार द्वारा शुल्क का भी निर्धारण किया जा रहा है. अभी यह प्रक्रियाधीन है. राज्य के निजी नर्सिंग स्कूलों में एएनएम व जीएनएम की कुल 6256 सीटें हैं. इनमें आधी सीटें सरकारी कोटे में चली जायेंगी. सरकारी कोटे की गरीब छात्राएं भी नर्सिंग का प्रशिक्षण ले सकेंगी.
सरकार करेगी शुल्क का निर्धारण
राज्य के नर्सिंग स्कूल और कॉलेजों में बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता पर्षद (बीसीइसीइबी) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से नामांकन लिया जाता है. सरकार ने पहली बार निजी क्षेत्र के नर्सिंग स्कूलों में सरकारी कोटा निर्धारित कर दिया है.
बीसीइसीइबी के द्वारा चयनित विद्यार्थियों को निजी नर्सिंग स्कूलों में कोटा आवंटित किया जायेगा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी सूचना सभी नर्सिंग स्कूलों को भेजी जा चुकी है. राज्य में 96 एएनएम स्कूल हैं, जिनके पास कुल 3890 सीटों पर दाखिला की अनुमति मिली है. अब इन एएनएम स्कूलों की कुल 1945 सीटें पर सरकारी कोटे के माध्यम से छात्राओं का नामांकन किया जायेगा.
राज्य के निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की तर्ज पर किया गया है दाखिले का प्रावधान
सरकार की ओर से आवंटित कोटे के तहत 96 एएनएम और 45 जीएनएम स्कूल दाखिला लेंगे
स्वास्थ्य विभाग ने सूचना प्रकाशित की
राज्य में कुल 45 जीएनएम स्कूल हैं. इनके पास कुल 2366 सीटें हैं. इनमें से अब 1183 सीटों पर सरकारी कोटे से भेजी गयी छात्राओं का नामांकन होगा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार की सूचना प्रकाशित की गयी है, जिसमें मान्यताप्राप्त सभी नर्सिंग स्कूलों के नाम और स्वीकृत सीटों की संख्या दर्शायी गयी है. इसमें से कितनी सीटें सरकारी कोटे से भरी जायेंगी, उसका भी ब्योरा भेज दिया गया है.
निजी एएनएम नर्सिंग स्कूलों में 20 से लेकर 60 सीटों पर नामांकन लेने की अनुमति मिली है, जबकि जीएनएम कोर्स की सर्वाधिक 100 सीटों पर दाखिला की अनुमति नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सासाराम को मिली है. अब इसकी आधी सीटें सरकारी कोटे में चली जायेंगी.
