पटना : सर्वर जाम, ठप पड़ा है राज्य भर में दाखिल-खारिज का काम

पटना : बीते एक सप्ताह से राज्य के अधिकतर अंचलों में दाखिल-खारिज का काम लगभग ठप हो गया है. सर्वर पर बढ़े लोड के साथ साॅफ्टवेयर की समस्या के कारण अंचलों में काउंटर पर म्यूटेशन के आवेदन जमा नहीं किये जा रहे हैं. पटना सदर अंचल सहित अधिकतर जगहों पर प्रतिदिन लोग काउंटर से परेशान […]

पटना : बीते एक सप्ताह से राज्य के अधिकतर अंचलों में दाखिल-खारिज का काम लगभग ठप हो गया है. सर्वर पर बढ़े लोड के साथ साॅफ्टवेयर की समस्या के कारण अंचलों में काउंटर पर म्यूटेशन के आवेदन जमा नहीं किये जा रहे हैं.
पटना सदर अंचल सहित अधिकतर जगहों पर प्रतिदिन लोग काउंटर से परेशान होकर लौट रहे हैं. आनलाइन आवेदन भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है. राज्य में पहले से लंबित पड़े म्यूटेशन के काम में सर्वर जाम की समस्या ने लंबित मामलों की संख्या बढ़ा रही है. गौरतलब है कि बीते माह तक की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में लगभग 18 लाख 48 हजार से अधिक मामले म्यूटेशन के लिए आये थे. इनमें नौ लाख 65 हजार से अधिक मामलों का निबटारा नहीं हो सका था.
झारखंड एनआइसी ने तैयार किया था साफ्टवेयर : राज्य में दिसंबर 2017 से ऑनलाइन म्यूटेशन का काम शुरू हुआ था. इसके लिए राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने झारखंड एनआइसी से ऑनलाइन म्यूटेशन के सॉफ्टवेयर को लिया था. अब जब राज्य में दाखिल खारिज के मामले बढ़े हैं, तो साफ्टवेयर जाम होने लगा. सर्वर में समस्या आ गयी.
समस्या के निदान के लिए विभाग चाहता है कि राज्य में अपना सर्वर रहे और नये सिरे से साफ्टवेयर से शुरुआत की जाये. जानकारी के अनुसार इसके लिए विभाग को झारखंड एनआइसी की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा है. इस कारण बीते एक सप्ताह से समस्या दूर नहीं हो रही है. अब डीसीएलआर कार्यालय को भी ऑनलाइन की कोशिश अब राजस्व व भूमि सुधार विभाग की ओर से डीसीएलआर के कार्यालय को भी ऑनलाइन करने की कोशिश की जा रही है.
अंचल में विवाद नहीं सुलझने पर लोग घर बैठे डीसीएलआर को ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए भी साफ्टवेयर को अपडेट किये जाने का काम बाकी है. सर्वर जाम के कारण नये अपडेट भी नहीं हो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ विभाग के अधिकारी भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर इस समस्या का निबटारा कब तक होगा.

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