पटना : वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन के बाद पीएमसीएच ने उनके परिजनों को शव ले जाने के लिए वाहन नहीं उपलब्ध कराया. इसके बाद उनके परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया. बाद में जब डीएम कुमार रवि को यह बात मालूम हुई तो उनके निर्देश पर लाइफ सपोर्ट वाहन से उनका शव कुल्हड़िया कांप्लेक्स स्थित आवास पर भेजा गया. इधर अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है.
वशिष्ठ नारायण सिंह के शव ले जाने के लिए परिजनों को करना पड़ा थोड़ा इंतजार
पटना : वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन के बाद पीएमसीएच ने उनके परिजनों को शव ले जाने के लिए वाहन नहीं उपलब्ध कराया. इसके बाद उनके परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया. बाद में जब डीएम कुमार रवि को यह बात मालूम हुई तो उनके निर्देश पर लाइफ सपोर्ट वाहन से उनका शव […]

वशिष्ठ नारायण सिंह के छोटे भाई अयोध्या सिंह ने बताया कि श्री सिंह के निधन के बाद उन्हें एंबुलेंस के लिए ठहरना पड़ा. पीएमसीएच से शव वाहन नहीं मुहैया कराने की खबरों के बाद अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है.
अधीक्षक डा राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि उन्हें जैसे ही वशिष्ठ बाबू के मृत अवस्था में अस्पताल में आने की जानकारी मिली उसके बाद डेथ सर्टिफिकेट बनाकर बिना पोस्टमार्टम के शव को भेजने के निर्देश दिये गये. इसी दौरान शववाहन देने में देर हुई थी, इस मामले की जांच के लिए प्राचार्य डॉ विद्यापति चौधरी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है. इसमें बतौर सदस्य कर्नल डॉ अहमद अंसारी और सीसीएमओ डॉ अभिजीत सिंह शामिल किये गये हैं.
परिजनों को एंबुलेंस नहीं मिलने की होगी जांच : प्रधान सचिव : स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि वशिष्ठ नारायण सिंह के शव को ले जाने के लिए परिजनों को पीएमसीएच द्वारा शव वाहन नहीं दिया गया है तो इसकी जांच की जायेगी. उन्होंने बताया कि पीएमसीएच के अधीक्षक से इस मुद्दे पर बात की.
अस्पताल अधीक्षक द्वारा द्वारा यह बताया गया है कि वशिष्ठ नारायण सिंह को पीएमसीएम में लाने के पूर्व ही उनकी मृत हो चुकी थी. अस्पताल में यह परामर्श किया जा रहा था कि उनका पोस्टमार्टम किया जाये अथवा नहीं. इसको लेकर ही जब चर्चा चल रही थी तब तक उनका शव वहां रखा गया था.