फुलवारीशरीफ : मौलाना अबुल कलाम के विचारों को लोगों में फैलाने की जरूरत

फुलवारीशरीफ : महान स्वतंत्रता सेनानी एवं देश के पहले शिक्षा मंत्री इमामुल हिंद, भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर अमीरे शरियत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी साहब के निर्देश पर कार्यवाहक सचिव मौलाना शिबली-अल कासमी की अध्यक्षता में एक दिवसीय काॅन्फ्रेंस की गयी. मौलाना ने कहा कि आजाद एक प्रसिद्ध विद्वान, कवि, […]

फुलवारीशरीफ : महान स्वतंत्रता सेनानी एवं देश के पहले शिक्षा मंत्री इमामुल हिंद, भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर अमीरे शरियत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी साहब के निर्देश पर कार्यवाहक सचिव मौलाना शिबली-अल कासमी की अध्यक्षता में एक दिवसीय काॅन्फ्रेंस की गयी. मौलाना ने कहा कि आजाद एक प्रसिद्ध विद्वान, कवि, लेखक, पत्रकार के साथ ही भारत की आजादी के बाद महत्वपूर्ण राजनीतिक पद पर रहे.
माइनोरिटी कमीशन के चेयरमैन प्रोफेसर युनूस हकीम, सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद इर्शादुल्लाह ने भी मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला. इस दौरान मौलाना आजाद के ऊपर लिखी गयी दो किताबों अमीरे शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी की लिखी हुई ‘इमामूल हिंद मौलाना अबुल्कलाम आजाद कई दिमागों का एक इंसान’ और दूसरी किताब नसीमा खातून रिसर्च स्कॉलर रांची यूनिवर्सिटी की लिखी हुई किताब ‘मौलाना आजाद, कौमियत एवं मजहबी मुनाफरत’ (यह किताब इन्होंने मौलाना आजाद स्टडी सर्किल की निगरानी में लिखी है) का विमोचन भी उलमा-ए-किराम एवं बुद्ध जीविओं के हाथों हुआ. इस कॉन्फेंस का मंच संचालन मौलाना मुफ्ती वसी अहमद कासमी नायब काजी इमारत शरिया ने किया.

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