बिहार में एक साथ 45 पुलिसवाले घूस लेने के आरोप में सस्पेंड, एफआइआर भी दर्ज

पटना : महात्मा गांधी सेतु पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक होने के बावजूद बालू-गिट्टी लदे ट्रक पार कराने वाले 45 पुलिसकर्मियों को सोमवार को ट्रैफिक एसपी डी अमरकेश ने निलंबित कर दिया. साथ ही उन पर प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है. इनमें छह एसआइ, सात एएसआइ और 32 सिपाही शामिल हैं. गांधी […]

By Prabhat Khabar Print Desk | November 12, 2019 8:41 AM
पटना : महात्मा गांधी सेतु पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक होने के बावजूद बालू-गिट्टी लदे ट्रक पार कराने वाले 45 पुलिसकर्मियों को सोमवार को ट्रैफिक एसपी डी अमरकेश ने निलंबित कर दिया. साथ ही उन पर प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है. इनमें छह एसआइ, सात एएसआइ और 32 सिपाही शामिल हैं.
गांधी सेतु, धनुकी मोड़ और जीरो माइल ट्रैफिक पोस्ट व थाने में पदस्थापित ये पुलिसकर्मी बालू, गिट्टी, सरिया और अन्य भवन निर्माण सामग्री लदे ट्रकों को पैसा लेकर गांधी सेतु से पार करवा रहे थे, जबकि पुल से इन सामग्रियों से लदे वाहनों के आवागमन पर रोक लगी है. हर दिन ऐसे 100-150 ट्रकाें को पार कराने की शिकायत मिलने के बाद ट्रैफिक एसपी ने डीएसपी टू को मामले की जांच करने के लिए कहा था.
जांच के दौरान डीएसपी टू ने ट्रकों को पार करवाने में पुल पर तैनात सिपाहियों और अधिकारियों की समान सहभागिता पायी थी. उनकी रिपोर्ट के आधार पर ट्रैफिक एसपी ने पुल और उसके पास के दोनों ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात सभी अधिकारियों और सिपाहियों को निलंबित कर दिया. साथ ही इन सभी पर अगमकुआं थाने में एफआइआर भी दर्ज करायी गयी है. ट्रैफिक एसपी ने बताया कि सस्पेंड पुलिस कर्मियों की जगह पर दोपहर 12 बजे से पूरी नयी टीम की ड्यूटी गांधी सेतु पर लगा दी गयी है.
भवन निर्माण सामग्री लदे ट्रकों के आवागमन पर 2018 से लगी है रोक
गांधी सेतु से भवन निर्माण सामग्री लदे ट्रकों के आवागमन पर 2018 से ही रोक लगी है. यह निर्णय पुल की जर्जर स्थिति और दोनों लेन का ट्रैफिक एक ही लेन से होकर आने जाने से बढ़े ट्रैफिक लोड को देखते हुए लिया गया था.
इससे कई जगह हिज बेयरिंग और सुपरस्ट्रक्चर की अंदरुनी संरचना में टूट-फूट आ गयी और वाहनों के गुजरने पर पुल में बुरी तरह कंपन शुरू हो गया. इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुए वरीय अधिकारियों की बैठक में पुल से भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गयी.
पटना के डीएम द्वारा इस आदेश के अनुपालन के लिए पुल पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी. लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसका कोई असर नहीं दिख रहा था और धड़ल्ले से निर्माण सामग्री लदे मालवाहक वाहन भी पुल से होकर आ जा रहे थे, विशेषकर रात में ऐसे वाहनों की संख्या बहुत बढ़ जा रही थी.
पुलिस से साठगांठ रखने के आरोप में दो ट्रांसपोर्टरों पर भी एफआइआर
तीन शिफ्टों में तैनात थे अधिकारी व सिपाही
गांधी सेतु, धनुकी मोड़ और जीरो माइल ट्रैफिक पोस्ट पर तीन शिफ्टों में अधिकारी और सिपाही तैनात थे. इनमें से हर पोस्ट पर हर शिफ्ट में एक एसआइ या एएसआइ और तीन-चार सिपाही थे. इन सभी को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही जीरो माइल थाना के चार अधिकारियों और दो सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया गया है.
ट्रांसपोर्टरों की भूमिका की भी होगी जांच, चार के नाम आ रहे सामने
मामले में चार ट्रांसपोर्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जो पैसा देकर और पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर बालू, गिट्टी, सीमेंट, सरिया और अन्य भवन निर्माण सामग्री से लदे अपने छोटे-बड़े ट्रक पास करवाते थे. इनमें से दो झुनु (शुभलक्ष्मी ट्रांसपोर्ट) और गुड्डु खान के नाम एफआइआर में भी दर्ज हैं. अगमकुआं थाने की पुलिस मामले में इनकी संलिप्तता की जांच करेगी और साक्ष्य मिलते ही इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.
पैसा लेकर गांधी सेतु से भवन निर्माण सामग्री लदे ट्रकों के पार होने की सूचना मिलने के बाद मामले की जांच करायी गयी थी. उस पर कार्रवाई करते हुए 45 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. मामले में अगमकुआं थाने में एफआइआर भी दर्ज करायी गयी है.
-डी अमरकेश, ट्रैफिक एसपी, पटना.

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