ऑनलाइन नहीं हो सके हैं सभी शस्त्र लाइसेंस

पटना : जिले में सभी शस्त्र लाइसेंस अब तक ऑनलाइन नहीं हो पाये हैं. 160 शस्त्र लाइसेंस का यूआइएन नंबर जेनरेट नहीं हो पाया है, जबकि 31 मार्च, 2019 तक सभी शस्त्र लाइसेंस को नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस के तहत जोड़ना था. वहीं, सत्यापन के दौरान 300 लाइसेंस को रद्द कर दिया है. एडीएम […]

पटना : जिले में सभी शस्त्र लाइसेंस अब तक ऑनलाइन नहीं हो पाये हैं. 160 शस्त्र लाइसेंस का यूआइएन नंबर जेनरेट नहीं हो पाया है, जबकि 31 मार्च, 2019 तक सभी शस्त्र लाइसेंस को नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस के तहत जोड़ना था. वहीं, सत्यापन के दौरान 300 लाइसेंस को रद्द कर दिया है. एडीएम शस्त्र लाइसेंस का कहना है कि अभी आवेदन लिया गया है, लेकिन फीडिंग नहीं हो पायी है.

शस्त्र लाइसेंसों का फर्जीवाड़ा रोकने को हो रहा है प्रयास
पिछले माह पुलिस-प्रशासन ने 560 शस्त्र लाइसेंसों की जांच की थी. इनमें मात्र 174 पर यूआइएन नंबर था. 98 लाइसेंसधारियों ने इसके लिए आवेदन किया था. जांच में शस्त्र विक्रेता व अपराधियों में गठजोड़ पाया गया था. लाइसेंस के रजिस्टर में एंट्री नहीं थी. जांच के दौरान यह आशंका जाहिर की गयी थी कि शस्त्र लाइसेंस के लिए सत्यापन नहीं किया जा रहा है.
बड़ी संख्या में अस्थायी पतावालों को लाइसेंस जारी कर दिया गया. स्थायी पता और आपराधिक रिकॉर्ड तक नहीं देखा गया. अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर कर शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाला गिरोह सक्रिय है. एडीजी विधि-व्यवस्था रिपोर्ट भी कर चुके हैं. एडीजी की रिपोर्ट के बाद उच्चाधिकारियों ने चार अक्तूबर को सभी डीएम को शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था.

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