पोर्टल पर मामला दर्ज होने के बाद भी साइबर अपराध मामले में कार्रवाई नहीं

पटना : राज्य में किसी भी तरह की साइबर अपराध से जुड़े मामले की शिकायत करने के लिए एक विशेष पोर्टल ने पहली सितंबर से काम करना शुरू कर दिया है, परंतु इस पर मामला दर्ज होने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की देखरेख में चलने वाले […]

पटना : राज्य में किसी भी तरह की साइबर अपराध से जुड़े मामले की शिकायत करने के लिए एक विशेष पोर्टल ने पहली सितंबर से काम करना शुरू कर दिया है, परंतु इस पर मामला दर्ज होने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की देखरेख में चलने वाले इस पोर्टल पर पिछले दो महीने सितंबर और अक्तूबर में तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हुए , लेकिन दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी एक का निबटारा नहीं हुआ है. जिस जिले की शिकायत दर्ज होती है, वहां के संबंधित पुलिस पदाधिकारी इस पर ध्यान तक नहीं देते हैं.
कुछ जिलों ने तो अपने यहां दर्ज मामलों को ठीक से देखा तक नहीं है,जबकि राज्य में दिन-प्रति-दिन साइबर अपराध से जुड़े मामले की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है. पिछले पांच साल की तुलना में सभी तरह के साइबर अपराध से जुड़े मामलों में करीब साढ़े पांच सौ फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गयी है. इसमें सालाना औसतन 106 फीसदी की ग्रोथ पायी जा रही है.
दो माह में आये तीन दर्जन मामले
ऐसे अपराधों की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष वेब पोर्टल तैयार किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति चाहे तो अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी भरकर शिकायत दर्ज कर सकता है. अगर कोई अपनी पहचान छिपाना चाहते है, तो बिना अपनी पूरी जानकारी या सिर्फ मोबाइल नंबर डालकर ही शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इस पर घटना से संबंधित जिला एवं प्रखंड समेत अन्य जरूरी बातों का उल्लेख करना होता है.
अगर किसी शिकायत पर संबंधित जिला के एसपी या कोई जांच पदाधिकारी चाहे, तो उस व्यक्ति से बात भी कर सकते हैं. इस पर किसी तरह के साइबर क्राइम मसलन, कोलोन चेक, एटीएम फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी या ठगी, पोर्नोग्राफी, मोबाइल का गलत उपयोग समेत अन्य सभी मामले की शिकायत दर्ज करायी जा सकती है.
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के एसपी को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे दिन में कम से कम दो बार सुबह और शाम को इस वेबसाइट को स्वयं खोलकर देखें. अगर उनके जिले से संबंधित कोई मामला है, तो संबंधित पदाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपे और नियमित समय में ऐसे मामले का निपटारा करें. जरूरत पड़ने पर राज्य साइबर क्राइम सेंटर से भी मदद ले सकते हैं.
जितेंद्र सिंह गंगवार, एडीजी, आर्थिक अपराध इकाई

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