पटना : अब सभी डीएम को अपना कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन (पीएआर) को बेहतर बनाने या इसमें सुधार लाने के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के क्रियान्वयन की स्थिति भी देखी जायेगी. किस डीएम ने एससी-एसटी न्याय को लेकर कितना प्रयास या काम किया, इसका विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही पीएआर में इसके आधार पर अंक जोड़ा जायेगा. इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र लिखा है.
इसके अनुसार, एससी-एसटी एक्ट के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता और अनुश्रवण समिति की बैठकों के आयोजन और उनकी अनुशंसाओं के क्रियान्वयन से संबंधित मूल्यांकन रिपोर्ट का असर डीएम के पीएआर पर पड़ेगा. नियमानुसार, डीएम की अध्यक्षता में इस समिति की प्रत्येक वर्ष चार बैठकें होनी अनिवार्य होती है. इस आदेश के मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों को इस पर खासतौर से फोकस करने को कहा गया है. इस आदेश का गंभीरता से पालन करने के लिए सभी अधिकारियों को कहा गया है.
