गमगीन माहौल में निकाला गया 72 अलम का जुलूस
पटना सिटी : कर्बला की शहादत का चित्रण अजमेर से आये मौलाना सैयद गुलजार हुसैन जाफरी व दिल्ली से आये मौलाना कल्बे रूशैदा रिजवी ने किया, तो उपस्थित जायरीनों की आंखें नम हो गयीं. वहीं हुसैन की सदाएं गूंजने लगी. मौका था दस्त-ए-सज्जदिया की ओर से कर्बला की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन व 72 अंसारों की शहादत पर 72 अलम के जुलूस का. गुलजारबाग इमाम बांदी वक्फ स्टेट में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले ताबूत-ए-हजरत इमाम, हुसैन शाह एजाज इमाम के साथ अन्य का निकला, सबसे अंत में हरजत अब्बास का निकाला गया.
इसके बाद दुलदुल निकाला गया. इसे देख कर रोने की आवाज तेज हो गयी. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सैयद तकी रजा की सोजखानी से हुई. इसके बाद पेशखानी मर्सिया सैयद नजफ अब्बास व रहबर अली ने पेश किया. अंजुमन के सचिव शाह आबिद इमाम ने मर्सिया पेश की. फिर मौलाना की तकरीर हुई. इसमें आतंकवाद को मानवता के खिलाफ बताया. तकरीर के बाद 72 अलम व ताबूत के बाद दुलदुल निकाला गया. मजसिल के बाद अंजुमन-ए-पंजेतनी अंजुमन-ए-अब्बसयिसां, अंजुमन-ए- हुसैनिया की ओर से नोहाखानी के साथ सलाम पेश किया.
अंजुमन के सचिव शाह आबिद इमाम ने बताया कि शिया समुदाय की ओर से हिंदुस्तान में मुंबई व सुल्तानपुर में यह आयोजन होता है. इस वर्ष से देश में पटना का तीसरा स्थान होगा, जहां यह आयोजन हुआ. आयोजन में शाह जाैहर इमाम जाैनी, सरबार इमाम परवेज मोहसिन, तनवीरूल हसन समेत जायरीन उपस्थित थे. अंजुमन-दस्त-ए सज्जादिया की ओर आयोजन में लंगर की व्यवस्था की गयी.
