पटना : स्नातक व शिक्षक निर्वाचन के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए महज दो दिन बचे हैं. लेकिन संभावित मतदाताओं के आवेदन बहुत कम आ रहे हैं. छह नवंबर अंतिम तिथि है, लेकिन बीएलओ व संबंधित पदाधिकारियों की सुस्ती के चलते इसमें तेजी नहीं आ रही है. उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि अब तक कुल लगभग 35 हजार आवेदन आये हैं. इसमें करीब सात हजार आवेदन पटना से, नौ हजार नालंदा से और नौ हजार नवादा से आये हैं.
जबकि करीब 10 हजार आवेदन ऑनलाइन आये हैं. दरअसल छठ पूजा व अन्य व्रत त्योहार में हुई लगातार अवकाश के कारण निर्वाचन कार्यालय और बीएलओ स्तर पर तेजी से काम नहीं हो सका है. सूत्रों कि मानें तो एक नवंबर के बाद सरकारी कार्यालयों में काम नहीं हुए हैं. अब सोमवार से इसमें तेजी देखी जा सकती है. इससे पहले 28 अक्तूबर को प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल ने भी नाराजगी जाहिर किया था. पटना, नालंदा व नवादा के डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मतदाता सूची के लिए प्राप्त हो रहे आवेदनों की कम संख्या पर निराशा जताते हुए उसमें सुधार लानेे के निर्देश दिये थे.
ये दिये गये थे निर्देश
इच्छुक व्यक्तियों को फॉर्म 18 व फॉर्म 19 नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाये.
चिह्नित अधिकारी उनको आवेदन भरने में अपेक्षित सहयोग करें.
पात्रता रखने वाले व्यक्ति सीइओ बिहार डॉट एनआइसी डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
बार काउंसिल और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष-सचिव को भी पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची व कार्यक्रम की जानकारी दी जाये.
आवेदन करने में किसी कठिनाई या पात्रता संबंधित जानकारी उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नौशाद आलाम के मोबाइल नंबर 8544429896 पर ली जा सकती है.
स्नातक निर्वाचन पात्रता के लिए यह है जरूरी
कोई व्यक्ति जो अर्हता की तिथि 1 नवंबर 2019 से कम से कम तीन वर्ष पहले से भारत के किसी राज्य में निजी विश्वविद्यालय का स्नातक य समतुल्य अर्हता रखता हो.
संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो.
प्रपत्र-18 में जो अावेदन कर सकते हैं, आवेदन का फोटो, निवास स्थल का पता विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की विवरणी और स्नातक के प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न करना है.
शिक्षक निर्वाचन के लिए यह है जरूरी पात्रता
कोई व्यक्ति पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य रूप से निवासी
होना चाहिए.
अर्हता तिथि से तत्काल पहले छह वर्षों के भीतर राज्य के शैक्षणिक संस्थान में शिक्षण कार्य में कम से कम तीन वर्षों की अवधि से कार्यरत होना चाहिए.
