पटना : राजधानी में करीब 28 किमी लंबे बादशाही पइन को अतिक्रमण मुक्त कर इसे बेहतर बनाने के लिए सर्वे आज से शुरू होगा. इसके लिए जल संसाधन विभाग ने 28 असिस्टेंट इंजीनियरों की टीम तैनात किया है.
ये सभी इंजीनियर प्रत्येक 100 मीटर पर पइन की चौड़ाई, औसत गहराई, अतिक्रमण, पुल और पुलिया सहित पइन की उड़ाही की जानकारी संबंधी रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे. इस रिपोर्ट पर आला अधिकारियों की समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी. दरअसल इस वर्ष पटना में बारिश और जलजमाव ने इस पइन की दुर्दशा की पोल खोल दी थी. सूत्रों का कहना है कि राजधानी पटना के गंदे पानी के निकासी का बादशाही पइन बड़ा स्रोत है. यह पइन फुलवारी शरीफ के गोनपुरा से शुरू होकर माधोपुर के संपतचक के पास पुनपुन नदी तक जाती है.
इस पइन से राजधानी पटना में न्यूपास के दक्षिण भाग के बारिश का पानी, वहां के घरों के नालों का गंदा पानी, पहाड़ी नाले का पानी सहित कर्मलीचक के संप का पानी आदि को पुनपुन नदी में गिरने की व्यवस्था की गयी थी. कुछ वर्षों से इस पइन पर अतिक्रमण करने से यह व्यवस्था बाधित हुई थी. वहीं न्यू बाइपास बनने से भी इस पइन के एलाइनमेंट के प्रभावित होने की बात कही जा रही है.
पइन की सुधरेगी हालत
जल संसाधन विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बादशाही पइन के सर्वे का मकसद इसकी हालत को सुधारना है जिससे कि पटना के दक्षिणी इलाके में जलजमाव की समस्या नहीं हो. इस सर्वे में पइन को नुकसान पहुंचाने वाले सभी तत्वों की पहचान की जायेगी. इसके आधार पर तय समय सीमा में कार्रवाई की जायेगी.
