पटना सिटी : संगठनों की मदद से गली मुहल्लों की बदली छटा

पटना सिटी : .. सुन ही अराधना हमार हे छठी मइया,..कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकति जाय, ..केरवा जे फरेला घवध से ओह पर सुगा मेंडराय, .. उगही सूरजदेव भइल विहान, .. कोपी-कोपी बोलले, सुन हे आदित्यमल जैसे कर्णप्रिय गीत से पूरा माहौल छठमय हो गया. वहीं आकर्षक, रंग-बिरंगी सजावट के साथ गलियों व […]

पटना सिटी : .. सुन ही अराधना हमार हे छठी मइया,..कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकति जाय, ..केरवा जे फरेला घवध से ओह पर सुगा मेंडराय, .. उगही सूरजदेव भइल विहान, .. कोपी-कोपी बोलले, सुन हे आदित्यमल जैसे कर्णप्रिय गीत से पूरा माहौल छठमय हो गया.
वहीं आकर्षक, रंग-बिरंगी सजावट के साथ गलियों व मुहल्ले की छटा देखते ही बन रही है. प्रशासन ने नकार कर जिसे छोड़ दिया था, उसे भी चंदे से लोगों ने ऐसा संवारा कि देखते ही बन रहा था. बालू घाट स्थित सूर्य नारायण मंदिर में पूरी तैयारी की गयी है. संयोजक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि व्रतियों को हर तरह की सुविधा मिलेगी. इधर मुहल्लों व गलियों की सूरत सामाजिक संगठनों व युवकों ने बदल दी है.
सफाई से लेकर रोशनी के मामले में स्वयंसेवी संगठनों व मुहल्ले के उत्साही नौजवान ने गलियों को ऐसा सजाया कि इसकी जितनी सराहना की जाये कम है. कूड़े कर्कट की सफाई से लेकर रोशनी की सजावट तक ऐसी व्यवस्था मुहल्ले के उत्साही नौजवानों ने कर रखी थी. आम तौर दिनों में अंधेरे में रहने वाली गलियों की रोशनी ऐसी थी कि आंखों को चकाचौंध कर रही थी. त्योहार में उपेक्षा से दुखी लोगों ने तो खुद हाथों में फावड़ा उठा कर सड़कों व गलियों की सफाई की और पानी से धोया. इसके बाद उत्साह से व्रतियों ने नदी में स्नान किया़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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