पटना पहुंचने के बाद अब घर पहुंचने की जद्दोजहद

पटना : महापर्व छठ मनाने के लिए परदेश से पटना पहुंचने के बाद लोगों को अपने-अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल मीठापुर बस स्टैंड में दिखी. बाहर से आये लोगों में अपने-अपने इलाके की ओर जानेवाले बसों को खोज कर उसमें सीट लूटने की स्थिति रही. यह स्थिति खासकर कम दूरी के बसों […]

पटना : महापर्व छठ मनाने के लिए परदेश से पटना पहुंचने के बाद लोगों को अपने-अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल मीठापुर बस स्टैंड में दिखी. बाहर से आये लोगों में अपने-अपने इलाके की ओर जानेवाले बसों को खोज कर उसमें सीट लूटने की स्थिति रही.
यह स्थिति खासकर कम दूरी के बसों में देखने को मिली. लेकिन पर्याप्त संख्या में बस के नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ी. लोगों को बसों की छत पर बैठना मजबूरी है. उत्तर बिहार में दूर दराज इलाके में दिन में बसों के नहीं चलने से लोगों को अधिक परेशानी हुयी. अधिकांश बसें रात में चलती है. नाइट सर्विस बस से दूर के सफर वाले लोगों का जिनके द्वारा पहले एडवांस बुकिंग करा लिया गया था. वे बड़े निश्चिंत रहे.
बातचीत
मधुबनी लदनिया के सुभाष कुमार गुजरात से कमा कर अपने गांव मधुबनी जाने के लिए पटना बस स्टैंड में बस खोजते दिखे. देर रात बाद ही बस मिलने की जानकारी मिलने पर निराश हुए. उन्होंने कहा कि पटना से जाने के लिए कुछ विशेष व्यवस्था होनी चाहिए.
लोकहा मधुबनी के सुरेश कुमार ने कहा कि बस स्टैंड के गेट संख्या एक से तीन तक भटकते रहे. कभी एजेंट यहां, कभी वहां टहलाता रहा. मगर बस नहीं मिल रही. बहुत परेशानी हो रही है.
रोसड़ा समस्तीपुर के मनीष कुमार ने कहा कि शाम में रोसड़ा जाने के लिए बसों की संख्या कम है. कुछ बसों में पहले से ही लोग भरे हुए होने से उनका जाना मुसीबत लग रहा है. इसके बावजूद महापर्व पर आये हैं तो कष्ट सह कर भी जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >