स्कूली बच्चों के सुरक्षित शैक्षणिक भ्रमण के लिए गाइडलाइन जारी
पटना : मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना को लेकर शिक्षा विभाग ने एक गाइड लाइन जारी की है. कहा है कि दूर के जिले बच्चों को घूमने के लिए पटना आने से बचें. वे पटना के अलावा दूसरे जिले के भ्रमण के लिए कार्यक्रम बनाएं. गाइड लाइन में स्कूलों से कहा गया है कि वे टूर के लिए बेहतर बसें और जगह का चयन करें ताकि एक दिन में ही देर रात से पहले किसी भी कीमत पर बच्चे अपने घर वापस लौट सकें.
जारी गाइड लाइन में साफ कर दिया गया है कि शैक्षणिक भ्रमण के लिए ऐसे स्थान का चयन करें, जहां अधिकतम 4 घंटे में पहुंच जा सके. 31 दिसंबर को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री बिहार दर्शन या मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत बच्चों को सुरक्षित यात्रा करें. उनकी सुरक्षा से किसी भी तरह समझौता संभव नहीं है.
तीन दिन पहले देनी होगी सूचना : गाइडलाइन में कहा गया है कि भ्रमण की तिथि एवं समय निर्धारित कर विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को कम से तीन दिन पहले सूचना करना जरूरी होगा.
इस विशेष गाइडलाइन का स्कूलों को करना है पालन
भ्रमण के दौरान बच्चों के संग एक पुरुष और एक महिला शिक्षक अनिवार्य तौर पर साथ रहें.
वाहन की दशा अच्छी हो. उसमें फर्स्ट एड हो.
वाहन की क्षमता से अधिक बच्चे न बिठाएं.
वाहन की गति से 40 से 50 किमी प्रति घंटे के बीच रहे
हर पड़ाव पर बच्चों की गिनती की जाये.
प्रत्येक बच्चे के पास पेन और नोटबुक हो.
भ्रमण के दौरान बच्चों को अनुभव भी लिखना होगा.
नवंबर से मार्च के बीच भ्रमण पर जाने के लिए सुबह सात से आठ बजे के बीच वाहन रवाना हो जाना चाहिए.
अप्रैल से अक्तूबर तक सुबह 6-7 बजे के बीच रवाना हो
वाहन चालक के पास जरूरी दस्तावेज हो.
कोई भी बच्चा बीमार अवस्था में यात्रा में न जाये.
बच्चे की तबीयत में खराब हाे, तो तुरंत सूचना दी जाये.
