पटना : बिहार राज्य ईख कास्तकार संघ ने 2019-20 के पेराई सत्र में सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर उनसे राज्य में गन्ने का समर्थन मूल्य 610 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है. साथ ही बंद चीनी मिलों की 2200 एकड़ जमीन बियाडा के माध्यम से उद्योगपतियों को देने के पहले उन्नत किस्म के गन्ना बीज की खेती के लिए आरक्षित करने के लिए कहा है.
संघ की तरफ से पत्र में लिखा गया है कि बीते सीजन में गन्ने की उन्नत किस्म की कीमत 310 रुपये, मध्यम किस्म की 285 रुपये और निम्न किस्म की 270 रुपये प्रति क्विंटल थी. प्रदेश के पांच लाख किसान करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर जमीन में गन्ने की खेती से जुड़े हैं, लेकिन समय पर लाभकारी मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हो जाते हैं. संघ के महासचिव नागेंद्र प्रसाद सिंह ने पत्र लिखकर सीएम से कहा है कि अब चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू हो रहा है.
लेकिन विभागीय मंत्री के मुताबिक बीते वर्ष का गन्ना किसानों का 335 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है. ईख अधिनियम के मुताबिक ईख मूल्य का भुगतान इसे खरीदने से 14 दिनों के अंदर होना है. इसमें देरी होने पर सूद सहित भुगतान का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जाता है.
उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में ईख की खेती का खर्च बढ़ा है. खाद, बीज,कीटनाशक दवाओं, मजदूरी का खर्च महंगा हुआ है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में राज्य सरकारें ईख मूल्य घोषित करती हैं, लेकिन बिहार में ईख का खरीदार चीनी मिल मालिकों का संगठन बिस्मा ईख मूल्य की घोषणा करता है.
