तीन वर्षों में सात करोड़ 70 लाख पौधे लगाये जायेंगे: मोदी

पटना : जल-जीवन-हरियाली अभियान शुभारंभ के मौके पर आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मुकाबले के लिए अगले तीन वर्षों में सात करोड़ 70 लाख पौधे लगाये जायेंगे. इसमें एक दिन में 2.51 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे. इसके लिए पांच करोड़ पौधों की नर्सरी विकसित की […]

पटना : जल-जीवन-हरियाली अभियान शुभारंभ के मौके पर आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मुकाबले के लिए अगले तीन वर्षों में सात करोड़ 70 लाख पौधे लगाये जायेंगे. इसमें एक दिन में 2.51 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे.

इसके लिए पांच करोड़ पौधों की नर्सरी विकसित की जा रही है. अगले तीन वर्षों में 24524 करोड़ में से वन विभाग 4092 करोड़ खर्च करेगा. नर्सरी और मनरेगा के साथ पौधारोपण पर 2756 करोड़ तथा जल संरक्षण के लिए चेक डैम के निर्माण पर 1326 करोड़ का खर्च प्रस्तावित है.
इस साल वन महोत्सव के दौरान डेढ़ करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1.12 करोड़ पौधे लगाये जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त कृषि वानिकी के तहत जनवरी-फरवरी में 20 लाख पॉपलर के पौधे लगाये जायेंगे. 2020-21 और 2021-22 में प्रतिवर्ष 50 हजार हेक्टेयर वन भूमि में भू-जल संरक्षण का कार्य किया जायेगा.
इस साल 2019-20 में 45 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त वन भूमि में भू-जल संरक्षण की योजनाएं चलायी जायेंगी. डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में पॉलीथिन बैग पर पहले से ही प्रतिबंध है. सिंगल यूज प्लास्टिक मसलन थर्मोकोल से बने प्लेट, ग्लास, थाली आदि के प्रयोग को रोकने व लोगों की आदत बदलने के लिए सरकार जागरूकता अभियान चलायेगी.
जल-जीवन-हरियाली अभियान का सीएम ने किया शुभारंभ
पांच करोड़ पौधों के लिए विकसित की जा रही है नर्सरी
वायु जांच के चार और केंद्र स्थापित होंगे
पटना की वायु गुणवत्ता की जांच के लिए अभी मात्र तारामंडल के पास एक केंद्र कार्यरत है. 30 नवंबर तक चार और जगहों मसलन सगुना मोड़, आइजीआइएमएस, इको पार्क और एनआइटी के पास जांच केंद्र स्थापित किये जायेंगे. प्रत्येक की लागत 1.25 करोड़ आयेगी.
वहीं कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में शुरू किया जाने वाला कार्य देश-दुनिया के लिए उदाहरण बनेगा. कार्यक्रम में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार व ग्रामीण विकास विभाग से सचिव अरविंद चौधरी ने भी अपनी बातें रखीं.
पटना की वायु गुणवत्ता की जांच के लिए अभी मात्र तारामंडल के पास एक केंद्र कार्यरत है. 30 नवंबर तक चार और जगहों मसलन सगुना मोड़, आइजीआइएमएस, इको पार्क और एनआइटी के पास जांच केंद्र स्थापित किये जायेंगे.
प्रत्येक की लागत 1.25 करोड़ आयेगी. वहीं कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में शुरू किया जाने वाला कार्य देश-दुनिया के लिए उदाहरण बनेगा. कार्यक्रम में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, मुख्य सचिव दीपक कुमार व ग्रामीण विकास विभाग से सचिव अरविंद चौधरी ने भी अपनी बातें रखीं.

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