पटना : आरओ का पानी पीने से बचें, केवल सोनो फिल्टर का करें इस्तेमाल : प्रो मोहन

पटना : बिहार, बंगाल, झारखंड, बांग्लादेश इस इलाके में पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक है. आर्सेनिक से होने वाली बीमारी की पहचान यूरिन टेस्ट, हेयर टेस्ट और नेल टेस्ट के माध्यम से चलता है. आरओ का पानी पीने से सभी को बचना चाहिए. आरओ पानी का पीएच काफी कम कर देता है. पीएच कम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 25, 2019 9:21 AM
पटना : बिहार, बंगाल, झारखंड, बांग्लादेश इस इलाके में पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक है. आर्सेनिक से होने वाली बीमारी की पहचान यूरिन टेस्ट, हेयर टेस्ट और नेल टेस्ट के माध्यम से चलता है. आरओ का पानी पीने से सभी को बचना चाहिए. आरओ पानी का पीएच काफी कम कर देता है.
पीएच कम करने के साथ-साथ मैग्नेशियम और कैल्शियम को भी हटा देता है. यह बातें एनआइटी पटना में गुरुवार को आइआइटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग के प्रो देवेंद्र मोहन ने कही. वह एनआइटी पटना में जल शक्ति अभियान के तहत पानी से आर्सेनिक निकाल कर उसे पीने योग्य बनाने पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे.
सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट फोरम इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर इंडिया द्वारा सस्टेनेबल आर्सेनिक रिमूवल टेक्नोलॉजी फॉर ड्रिंकिंग सप्लाइ वाटर विषय पर आयोजित सेमिनार में प्रो मोहन ने कहा कि पानी पीने योग्य बनाने के लिए केवल सोनो फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए.