फुलवारीशरीफ : जागरूकता के अभाव में हो रही हड्डी की बीमारी

आस्टियोपोरोसिस से हड्डियों में हो जाते हैं छोटे-छोटे िछद्र फुलवारीशरीफ : पटना एम्स के डीन डाॅ नीरज अग्रवाल ने कहा कि बदलती जीवन शैली व खान-पान में पोषक तत्वों की कमी से आस्टियोपोरोसिस गंभीर बीमारी का रूप लेता जा रहा है. इसके चपेट में हर वर्ग के लोग आ रहे हैं. जागरूकता के अभाव व […]

आस्टियोपोरोसिस से हड्डियों में हो जाते हैं छोटे-छोटे िछद्र
फुलवारीशरीफ : पटना एम्स के डीन डाॅ नीरज अग्रवाल ने कहा कि बदलती जीवन शैली व खान-पान में पोषक तत्वों की कमी से आस्टियोपोरोसिस गंभीर बीमारी का रूप लेता जा रहा है. इसके चपेट में हर वर्ग के लोग आ रहे हैं. जागरूकता के अभाव व खान-पान में लापरवाही के चलते आस्टियोपोरोसिस लोगों का जीवन धीरे-धीरे निगल रहा है. जब तक इस रोग का पता चलता है तब तक रोगी खतरनाक अवस्था में पहुंच चुका होता है.
वह रविवार को एम्स के आर्थाेपेडिक विभाग, मेडिसीन और गॉयनी विभाग की ओर से एक दिवसीय आस्टियोपोरोसिस पर कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे. डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस रोग से पीड़ित रोगी की अस्थियों में छोटे-छोटे छिद्र हो जाते हैं, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. आर्थाेपेडिक विभाग के हेड डॉ अनूप कुमार ने बताया कि यह रोग शरीर में कैल्शियम व विटामिन डी की कमी, ध्रूमपान व मद्यपान करने वाले लोगों व मधुमेह रोगियों में शारीरिक श्रम के अभाव में होता है. डॉ सुदीप कुमार ने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस को पहचानना मुश्किल होता है. ज्यादातर मामलों में जटिल होने के बाद इसका पता चलता है.
अगर किसी की उम्र उसकी वास्तविक उम्र से अधिक लगने लगे, उसका कद कम हो रहा हो, पीठ पर कूबड़ निकल रहा हो तो ये लक्षण ऑस्टियोपोरोसिस के हो सकते हैं. डॉ मुक्ता अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं में यह बीमारी काफी गंभीर रूप धारण कर चुकी है. डॉ देवेंदू भूषण डॉ संजय पांडेय ने डॉ प्रभात अग्रवाल डॉ अविनाश कुमार, डॉ प्रणव संथालिया, डॉ पंकज, डॉ इंदु कुमारी ने अपने अपने विचार रखे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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