लाठीचार्ज के बीच हटा अतिक्रमण, शुरू की गयी झोंपड़ियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई

पटना : बुधवार की सुबह 10 बजे निगम अधिकारियों की टीम दल-बल के साथ नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाने दिनकर गोलंबर पहुंची. निगम की टीम ने अतिक्रमणकारियों से कहा कि अपने-अपने घरों से सामान निकाल लें. लेकिन, अतिक्रमणकारी घर खाली करने को तैयार नहीं थे. महिलाओं ने सामान हटाने के बदले विरोध करना शुरू […]

पटना : बुधवार की सुबह 10 बजे निगम अधिकारियों की टीम दल-बल के साथ नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटाने दिनकर गोलंबर पहुंची. निगम की टीम ने अतिक्रमणकारियों से कहा कि अपने-अपने घरों से सामान निकाल लें. लेकिन, अतिक्रमणकारी घर खाली करने को तैयार नहीं थे. महिलाओं ने सामान हटाने के बदले विरोध करना शुरू कर दिया. करीब दो घंटे तक पुलिस व अतिक्रमणकारियों के बीच नोकझोंक व हंगामा होता रहा. फिर, पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

10 मिनट तक पुलिस की लाठियां चलीं, तो अतिक्रमणकारी भाग निकले. फिर अतिक्रमणकारियों की झोंपड़ी व पक्के निर्माणों ध्वस्त करना शुरू किया गया. शाम तक चली कार्रवाई में करीब डेढ़ सौ से अधिक झोपड़ियों व पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया.
वर्षों से नहीं हुई सफाई : दिनकर गोलंबर से काजीपुर होते हुए सैदपुर संप तक बड़ा नाला है. इस नाले पर अतिक्रमण है. अतिक्रमण होने से वर्षों से सफाई नहीं हुई. कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार व बीके तरुण, अपर नगर आयुक्त शीला ईरानी व जिला प्रशासन की टीम ने पांच जेसीबी व एक पोकलेन से अतिक्रमण हो हटवाया.
गरीबों को उजाड़ने का आरोप : निगम की जेसीबी चली, तो अतिक्रमणकारी घरों से सामान निकाल सड़क पर रखने लगे. झोंपड़ी में रह रहे रामनरेश ने कहा कि बिना नोटिस दिये प्रशासन की टीम झोंपड़ी तोड़ने पहुंच गयी. सरकार गरीबी हटाओ का नारा दे रही है. लेकिन, यहां गरीब लोगों को ही हटाया जा रहा है. पिछले 30-35 वर्षों से झोंपड़ी बना पूरे परिवार का भरण पोषण कर रहे थे. अब सड़क पर आ गये हैं.
तीन मकान मालिकों को दिया गया नोटिस
काजीपुर में नाले के
किनारे स्थित अपार्टमेंट की बाउंड्री भी नाले के ऊपर बनायी गयी थी. वहीं, अपार्टमेंट के बगल में तीन पक्के भवन बनाये गये हैं. अभियान के दौरान अपार्टमेंट की बाउंड्री तोड़ दी गयी.
वहीं, बगल के तीन मकानों में करीब 32 फुट अंदर तक चिह्नित किया गया. हालांकि, स्थायी निर्माण होने से तीनों मकान मालिकों को निगरानीवाद केस को लेकर नोटिस दिया गया.
शुरू की गयी नाले की सफाई अतिक्रमण हटाने के साथ
ही नाले की सफाई भी शुरू कर दी गयी. सुबह 10 से तीन बजे तक झोंपड़ियों को ध्वस्त करने के बाद सुपर सकर मशीन मंगवायी गयी. शाम के पांच बजे तक करीब 200 मीटर तक नाले की सफाई की गयी. इसके साथ ही मलबा भी हटाया लिया गया. सात हाइवा के माध्यम से तोड़े गये पक्के निर्माण के मलबा को रामाचक बैरिया कूड़ा डंपिंग यार्ड भेजा गया.
क्या कहते हैं लाेग
पिछले 50 वर्षों से घर बना कर रह रही हूं. जब बस रहे थे, तब हमें बसने दिया गया. यहां के पता पर राशन कार्ड व आधार कार्ड बना है. लेकिन, सरकार अतिक्रमण के नाम पर हटा रही है. अब सड़क पर बाल-बच्चे के साथ आ गयी हूं.
मीरा देवी, पीड़िता
इस नाले के ऊपर 100 से अधिक परिवार वर्षों से झोंपड़ी बना कर रहे हैं. लेकिन, झोंपड़ी तोड़ने से पहले न नोटिस दिया गया व न कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गयी. प्रशासन ने जबर्दस्ती घर तोड़ दिया. अब घर के सामान व परिवार के साथ सड़क पर आ गयी हूं.
अनीता कुमारी, पीड़िता

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