समस्तीपुर : समस्तीपुर (सुरक्षित) लोस सीट पर उपचुनाव को लेकर दोनों गठबंधन के प्रत्याशी भले संपर्क साधने में पसीने बहा रहे हों, परंतु वोटरों में कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा. मतदान के दिन वोटरों को घर से निकालने में जो प्रत्याशी आगे रहेंगे, मैदान उनके लिए उतना आसान होगा. महज पांच महीने पहले संपन्न संसदीय चुनाव में लोजपा के रामचंद्र पासवान ने महागठबंधन प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार से बड़ी जीत दर्ज की थी.
रामचंद्र पासवान के असामयिक निधन के बाद उनके पुत्र प्रिंस राज लोजपा से मैदान में हैं. वही, कांग्रेस से डॉ अशोक कुमार लगातार तीसरी बार चुनावी जंग में उतरे है. उन्हें महागठबंधन के अलावा सत्ता विरोधी वोटों की आस है. 2019 के लोस चुनाव में लोजपा प्रत्याशी रामचंद्र पासवान को 562443 मत मिले थे.
जबकि, दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी डाॅ कुमार को 310800 वोट मिले थे. समस्तीपुर में लोजपा की प्रतिष्ठा वाली लड़ाई है. रामविलास पासवान के मंझले भाई व हाजीपुर के सांसद पशुपति कुमार पारस ने कमान संभाल ली है. वहीं, कांग्रेस के पक्ष में वामदल माकपा, भाकपा-माले भी है.
इस बार बंधक से मुक्त हो क्षेत्र : कांग्रेस
कांग्रेस उम्मीदवार डाॅ अशोक कुमार दिन में आधा दर्जन से अधिक चुनावी सभाएं कर रहे हैं. कांग्रेस समर्थक कहते हैं, इस बार कोई मोदी लहर नहीं है और न ही किसी की सरकार बनने वाली है. जनता कांग्रेस की ओर देख रही है.
कांग्रेस प्रत्याशी डाॅ अशोक कुमार ने कहा कि 35 सालों से यह क्षेत्र दूसरे जिले के नेता के हाथों बंधक बना हुआ है. इस बार जनता के सामने समस्तीपुर-दरभंगा के मूल निवासी को चुनने का मौका है. उनके पक्ष में सोमवार को पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार की सभा होने वाली है.
