राजदेव पांडेय
प्रदूषण का सबसे अधिक असर मुजफ्फरपुर पर पड़ा है , लोगों की करीब तीन साल उम्र घटी
पटना : प्रदूषण का शिकार हो रहे राज्य के शहरों मेें औसत उम्र सीमा कम होती जा रही है. इस बात का खुलासा एपिक शिकागो के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स से हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंडों पर आधारित हाल ही में प्रकाशित ये वैज्ञानिक विश्लेषण बताता है कि बिहार के सभी बड़े शहरों में पीएम 2.5 की अधिकता की वजह से लोगों की उम्र घट रही है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदूषण का सबसे अधिक असर मुजफ्फरपुर पर पड़ा है,जहां करीब दस साल के अंतराल में लोगों की करीब तीन साल उम्र घटी है. इसके बाद पटना व वैशाली में 2.9 वर्ष उम्र घटी है. जहानाबाद में 2.8 व दरभंगा में 2.5 और भागलपुर में सबसे कम 1.6 वर्ष उम्र घटी है. रिपोर्ट में दोहराया गया है कि बिहार में प्रदूषण का सबसे अहम कंटेंट केवल पीएम 2.5 ही है.
पर्यावरण विश्लेषक अंकिता ज्योति के मुताबिक स्वास्थ्य के नजरिये से ये रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है. इन आंकड़ोें का विश्लेषण कुछ इस तरह करना कि अगर हवा साफ होती तो जितनी उम्र घटी है, उतनी ही उम्र और अधिक बढ़ जाती, गलत नहीं माना जायेगा. एपिक की रिपोर्ट के तुलनात्मक आंकड़े हैं. बिहार के संदर्भ में ये आंकड़े 30 सितंबर को पटना में जारी किये गये हैं. यह रिपोर्ट हर चाल साल में प्रकाशित की जाती है.
पटना और वैशाली में 2.9 वर्ष उम्र घटी है
शहर 2005 2016
– पटना 4.8 7.7
दस साल में उम्र घटी- 2.9 वर्ष
– मुजफ्फरपुर 5.4 8.4
दस साल में उम्र घटी- 3 वर्ष
– जहानाबाद 4.3 7.1
दस साल में उम्र घटी- 2.8 वर्ष
शहर 2005 2016
– वैशाली 5.3 8.2
दस साल में उम्र घटी- 2.9 वर्ष
– दरभंगा 4.8 7.3
दस साल में उम्र घटी- 2.5 वर्ष
– भागलपुर 3.9 5.5
दस साल में उम्र घटी- 1.6 वर्ष
