बिहार के लिए शोक बन गया फरक्का बांध: मंत्री
पटना : राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को कहा कि बिहार में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए फरक्का बांध काे तोड़ देना जरूरी है. मंत्री ने कहा कि फरक्का बांध को तोड़कर उसमें नये तरीके से खनन कर गाद का समाधान करना चाहिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विभाग ने केंद्र सरकार और केंद्रीय जल आयोग से इस संबंध में कई बार बात की है. हालत यह है कि हमारी कोई नहीं सुन रहा.
ऐसी हालत रही तो बिहार में पांच साल बाद कुछ नहीं बचेगा. तत्कालीन सरकार ने बिहार की अनदेखी कर फरक्का बांध के संबंध में संधि की थी. अब 11 करोड़ लोग परेशान हैं. यह बिहार के लिए शोक बन गया है. इस बार राज्य के तीन लाख 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्र गंगा के पानी से प्रभावित है.
संजय झा ने कहा कि 22 सितंबर को इलाहाबाद में गंगा में अधिकतम जलस्तर दर्ज किया गया था. वहां से यह पानी करीब 515 किमी का सफर तय कर दो दिनों में पटना पहुंच गया. पटना से फरक्का की दूरी करीब 415 किमी है और सात दिन बाद भी यह पानी फरक्का नहीं पहुंचा है.
मंत्री ने इसके लिए पटना से फरक्का तक गाद भरा कारण बताया. उन्होंने कहा कि फरक्का का गेट खोलने के लिए मुख्यमंत्री ने 22 सितंबर को प्रधानमंत्री के ओएसडी पीके मिश्रा से बात की थी. अगले दिन फरक्का बराज से 16 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज शुरू हुआ.
बारिश से भर गये 23 जलाशय
23 जलाशयों में 80 फीसदी से अधिक भरा पानी
मंत्री संजय कुमार झा ने कहा इस बारिश से राज्य के 23 जलाशयों में 80 फीसदी से अधिक पानी आ गया है. इसमें से बांका का चंदन जलाशय और नवादा का कोल महादेव, कोहिरा और फुलवरिया सौ फीसदी भर गये हैं. वहीं खड़गपुर झील 85.5 फीसदी भर गयी है.
फरक्का में 109 दरवाजे, 10 कब बन गये पता नहीं
फरक्का बराज में कुल 109 दरवाजे हैं. इनमें 10 और गेट कब बन गये, इसकी जानकारी नहीं है. मंत्री ने कहा कि 22 और 23 सितंबर को मुख्यमंत्री और उनके द्वारा केंद्र सरकार से की गयी बातचीत के बाद 109 गेट में से 76 गेटों को पूरा खोल दिया गया है. अन्य 33 गेट 75 फीसदी खोले गये हैं. 23 सितंबर के बाद स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.
– संजय कुमार झा, जल संसाधन मंत्री
