पटना में भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे 3401 करोड़
पटना : पटना मेट्रो के डीपीआर में पीक ऑवर के दौरान लोगों के आवागमन का भी आकलन तैयार किया गया है. जानकारी के अनुसार तैयार होने के पहले वर्ष में दोनों फेजों को मिलाकर कुल 25 हजार से अधिक लोग मेट्रो की सवारी करेंगे. इसमें दानापुर मीठापुर वाया पटना जंक्शन वाले कैरिडोर में 14481 व दूसरे कॉरिडोर पटना रेलवे स्टेशन टू न्यू आइएसबीटी वाया गांधी मैदान में 10689 लोग सफर करेंगे.
उसी प्रकार वर्ष वर्ष 2031 में बढ़ कर पहले कैरिडोर 22488 लोग, वर्ष 2041 में 25255 और वर्ष 2051 में 31076 सफर करेंगे. इसके अलावा दूसरे कैरिडोर यानी पटना जंक्शन से न्यूआइएसबीटी जाने वाले मेट्रो में वर्ष 2024 में 10689 लोग से बढ़ कर वर्ष 2031 में 15613, वर्ष 2041 में 16733 लोग व वर्ष 2051 में 19467 लोगों के सफर का आकलन रखा गया है.
आमदनी का भी आकलन
पटना मेट्रो को लेकर बनाये गये डीपीआर में वर्षवार आमदनी का अभी आकलन किया गया है. इसमें वर्ष 2024-25 से लेकर वर्ष 2051-52 तक के रेवेन्यू का ब्योरा तैयार किया गया है. जानकारी के अनुसार पटना मेट्रो के परिचालन के पहले वर्ष यानी 2024-25 में निर्माण लागत के लगभग दस फीसदी आमदनी का आकलन किया गया है.
इसके बाद वर्ष 2031-32, वर्ष 2041-42 और वर्ष 2051-52 तक आमदनी का खाका भी डीपीआर में तैयार कर लिया गया है. डीपीआर के अनुसार किराया व नॉन फेयर में अलग अलग आमदनी रखी गयी है. इसके अलावा मेट्रो के एलाइमेंट व डीपो निर्माण में भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 3400 करोड़ रुपये खर्च होने का प्रावधान रखा गया है.
एेसे होगी आमदनी
डीपीआर में दिये गये ब्योरा के अनुसार वर्ष 2024-25 में किराया के माध्यम से 913 करोड़, वर्ष 2031-32 में 1848 करोड़, वर्ष 2041-42 में 2949 करोड़ व वर्ष 2051-12 में 4706 करोड़ रुपये तक रखा गया है. जबकि, नान फेयर को मिला कर वर्ष 2024-25 में 1228 करोड़, वर्ष 2031-32 में 2305 करोड़, 2041-42 में 3205 करोड़ व वर्ष 2051-12 में 5942 करोड़ रुपये आमदनी का आकलन रखा गया है.
डिपो के लिए जगह
इतवारपुर व आइएसबीटी में दो जगहों पर बनने वाले पटना मेट्रो के डीपो के लिए जमीन की जरूरत भी तैयार कर ली गयी है. इसमें इतावारपुर में बनने वाले डीपो के लिए 14.4 हेक्टेयर और न्यू आइएसबीटी के पास बनने वाले डीपो के लिए 12.5 हेक्टेयर यानी कुल मिला कर 26.9 हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी.
