पटना : 1.19 करोड़ जमाबंदी के ऑनलाइन रिकॉर्ड में लगान की जानकारी नहीं

अनिकेत त्रिवेदी पटना : राज्य में ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) का काम पहले से रफ्तार नहीं पकड़ रहा है. इसके लगभग नौ लाख से अधिक मामले लंबित हैं. इसके अलावा अब राजस्व व भूमि सुधार विभाग के लिए ऑनलाइन जमाबंदी में गड़बड़ी नया सिरसर्द बन गयी है. बीते वर्ष अक्तूबर तक राज्य के सभी अंचलों में […]

अनिकेत त्रिवेदी
पटना : राज्य में ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) का काम पहले से रफ्तार नहीं पकड़ रहा है. इसके लगभग नौ लाख से अधिक मामले लंबित हैं.
इसके अलावा अब राजस्व व भूमि सुधार विभाग के लिए ऑनलाइन जमाबंदी में गड़बड़ी नया सिरसर्द बन गयी है. बीते वर्ष अक्तूबर तक राज्य के सभी अंचलों में रजिस्टर-टू को ऑनलाइन करने के दौरान डाटा में कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं. राज्य के लगभग तीन करोड़ 56 लाख, 28,761 जमाबंदी में एक करोड़, 19 लाख, 50,514 को ऑनलाइन करने के दौरान लगान की जानकारी ही नहीं डाली गयी है. एेसे में इन लोगों को ऑनलाइन लगान जमा करने की सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है.
लगभग सभी अंचलों में रजिस्टर-टू को ऑनलाइन करने में इस तरह की गड़बड़ियां हुई हैं. विभाग की ओर से ऑनलाइन जमाबंदी में गड़बड़ी को दिसंबर तक सुधारने का निर्देश सभी अंचल कार्यालयों को दिया गया है. विभाग का निर्देश है कि अगर रजिस्टर-टू से लगान या खाता डिटेल की जानकारी मिलती है तो उसे ऑनलाइन में ठीक किया जाये या रैयतदार से लगान की पुरानी रसीदों को मांग कर ऑनलाइन में लगान व खाताें की जानकारी को अपडेट किया जाये. जानकारी के अनुसार 11 से 18 सितंबर के दौरान चले अभियान में सीओ स्तर से 90 हजार जमाबंदी को सुधार किया गया है. इसके अलावा 18 सितंबर तक 5,91,661 जमाबंदी को अपडेट भी किया गया है.
जमीन के खाताें की जानकारी भी ऑनलाइन में अपडेट नहीं किया गया है. ऐसे 84 लाख 18 हजार 940 मामले हैं. अब इस तरह की जमाबंदी को जब रैयत ऑनलाइन दे रहे हैं तो उन्हें जमीन की अधूरी जानकारी से परेशानी हो रही है. वे जमीन मालिक अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.
जमाबंदी ऑनलाइन करने में तीन स्तरों पर गड़बड़ी हुई है. जानबूझ कर गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. आम लोगों से भी अपील है कि वे अंचल स्तर पर अपनी जमाबंदी को सुधार करवा लें. लगान अपडेट करने का काम तेजी से चल रहा है.
– विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, राजस्व व भूमि सुधार विभाग

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