पटना : केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार होमियोपैथी और होमियोपैथिक चिकित्सकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए केंद्र सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय साथ मिलकर विकास के लिए लगातार कार्यरत है.
इंपेटस 2019 के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने दीप प्रज्वलन कर और होमियोपैथी के जनक हेनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2022 तक डेढ़ लाख इलनेस सेंटर को वेलनेस सेंटर में बदलने की योजना है.
इस योजना में आयुष के चिकित्सक भी शामिल होंगे, जिससे स्वभाविक तौर पर होमियोपैथिक को बढ़ावा मिलेगा. इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के नयी योजना पर व्यापक स्तर पर काम करने जा रही है.
भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों में स्थानीय मौसम और विशेषज्ञता के प्राथमिकता के आधार पर इसका विकास करेगी, जिसमें आयुष चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. इससे होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि होमियोपैथी चिकित्सक अपने को कमतर समझने की हीन भावना छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करें.
कार्यक्रम में होम्यिपैथी चिकित्सक रतन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मौजूदा प्रधान सचिव संजय कुमार 20 दिनों से खांसी से परेशान थे. पहले एलोपैथी से हर संभव इलाज कराया. आइजीआइएमएस से लेकर पीएमसीएच के डॉक्टर उनका इलाज करते रहे. कई प्रकार के एंटीबायोटिक दिये, नस में इंजेक्शन भी दिया गया. लेकिन जब खांसी ठीक नहीं हुई तो होमियोपैथी के पास आये तो इलाज सफल रहा.
यह केवल एक उदाहरण है कि आपका बेहतर से बेहतर इलाज होमियोपैथी में हो सकता है. होमियोपैथी चिकित्सकों के इस सीएमइ में उन्होंने कहा कि यह जानकारी इस मकसद से दी जा रही है कि कोई भी होमियोपैथी की उपेक्षा नहीं करे. डॉ विलिमर स्वाबे इंडिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष कुमार, डॉक्टर नितीश दुबे, होमियो चिकित्सक डॉक्टर आरपी सिंह मौजूद थे.
