पटना : बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत पढ़ाई के लिए एडमिशन देने वाले प्रदेश के बाहर के तीन और कॉलेजों के आवेदन शिक्षा विभाग ने अगले आदेश तक नामंजूर कर दिये हैं. इस स्कीम के तहत प्रतिबंधित बाहरी कॉलेजों की संख्या अब सात हो गयी है. ऐसे कॉलेजों में मध्यप्रदेश भोपाल स्थित आइइएस कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, उत्तरप्रदेश मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय और पंजाब के भटिंडा में स्थित गुरु गोविंद सिंह कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं.
इन कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ नहीं दिया जायेगा. हालांकि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के हक में यह व्यवस्था दी है कि इनके जिन विद्यार्थियों को लोन की पहली किस्त दी जा चुकी है, उनकी अगली किस्त का भुगतान नियमानुसार ही होगा. शिक्षा विभाग के अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह की तरफ से जारी बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह जयंत कुमार सिंह को लिखे पत्र में लिखा है कि ऐसे आवेदक, जिनके आवेदक जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र तथा थर्ड पार्टी वैरीफिकेशन स्तर पर लंबित हैं, वे अस्वीकृत किये जाते हैं.
लिहाजा अब इन कॉलेजों के विद्यार्थियों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा. पत्र में साफ कर दिया गया है कि विश्वविद्यालयों की स्वीकृति और आवेदकों के साथ किये गये सभी इकरार नामे रद्द कर दिये जायेंगे.
शिक्षा विभाग ने जांच में पाया है कि मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया अस्पष्ट है. भोपाल स्थित आइइएस कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी संस्थान में बिहार के विद्यार्थियों के अप्रत्याशित तौर पर आवेदन अधिक आये हैं. यह बदलाव तब देखने को मिला जब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम प्रारंभ हुई. भटिंडा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मेरिट लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है.
मोतिहारी के भी काॅलेज के आवेदनों पर भी संकट
सरकारी जांच में एसएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस कॉलेज में पहली नजर में कई खामियां नजर आयी हैं. इसे शिक्षा विभाग ने जांच के दायरे में लिया है.
जारी आदेश में कहा गया है कि इस कॉलेज में शुल्क का सही निर्धारण नहीं है. एक ही पाठ्यक्रम के आवेदकों से अलग अलग फीस वसूली जा रही है. जिला पदाधिकारी पूर्वी चंपारण इस मामले की जांच करायेंगे. बता दें कि इस कॉलेज के 43 अावेदन आये हैं.
