पटना सिटी : मालसलामी थाना क्षेत्र के सिमली मेन रोड पर रविवार की दोपहर बेखौफ बदमाशों ने किराये पर दुकान दे रखे मकान मालिक 35 वर्षीय राकेश कुमार को दुकान के अंदर गोली मार हत्या कर दी. इसके बाद बदमाश दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग करते हुए कुछ दूर पैदल चलने के बाद बाइक पर सवार होकर फरार हो गये.
दिन दहाड़े घटी घटना के बाद अफरा-तफरी मच गयी. मौके पर पहुंची पुलिस भी अपराधियों के दीदारगंज की तरफ भागने की दिशा में छापेमारी की. लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में 60 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद की बात सामने आ रही है. अभी हत्या की वजह पूर्ण रूपेण स्पष्ट नहीं है.
खाना खाकर आया था दुकान पर : घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि दोपहर लगभग सवा 12 बजे राकेश घर के अंदर से खाना खाकर किराये पर मकान में बना दुकान दे रखा था. दुर्गा साइकिल स्टोर नामक दुकान में वो आकर बैठा था और दुकानदार राजेश से बातचीत कर रहा था, तभी तीन की संख्या में युवक दुकान में आये और दुकानदार राजेश से पूछा कि तेरह नंबर रिंच है.
इस पर दुकानदार ने कहा कि वो यहां रिंच नहीं बेचते है. इसी बीच एक युवक जो दुकान के अंदर था और दो बाहर था. बाहर रखे युवकों ने कमर में छिपा कर रखे पिस्तौल को बाहर निकाला और राकेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु कर दी. अपराधियों ने राकेश को सिर,सीना व हाथ के पास तीन गोली मारी. गोली लगने से जख्मी राकेश दुकान में गिर गया. फायरिंग की आवाज सुन कर परिवार के सदस्य भी बाहर दुकान में पहुंचे और जख्मी राकेश को उपचार के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर आये, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
30 से 35 वर्ष के थे अपराधी
दुकानदार बताया कि घटना से महज एक मिनट पहले मृतक राकेश के चाचा योगेंद्र सिंह भी दुकान पर बैठे थे, वो उतर कर घर में गये है. इसी बीच अपराधियों ने आकर घटना को अंजाम दिया. सड़क पर फायरिंग करते हुए पहले पैदल फिर बाइक से दीदारगंज की तरफ भाग गये. बताया जाता है कि तीनों अपराधी 30 से 35 वर्ष के थे, इसमें एक मोटा था, तीनों ने गमछा से चेहरा ढक रखा था.
पुलिस जुटी छानबीन में
फायरिंग व हत्या की सूचना मिलते ही गश्ती पर निकली मालसलामी थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गयी. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आ रहा है. मौके पर एएसपी मनीष कुमार व मालसलामी थानाध्यक्ष सुदामा कुमार सिंह पहुंचे.
पुलिस साइिकल दुकानदार राजेश को संग लेकर अपराधियों के भागने की दिशा में कुछ दूर तक छापेमारी की लेकिन सफलता नहीं मिली. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया है. मृतक के दिव्यांग पिता राम नारायण सिंह का कहना है कि उनको नहीं पता कि बेटे पर अपराधियों ने फायरिंग कर जान क्यों ली, क्योंकि उसका किसी से झगड़ा नहीं था. परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह पहले लाइसेंस बनवाने का कार्य शुरु किया था. नगर पुलिस अधीक्षक जीतेंद्र कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया तीन लोगों के साथ रुपए लेन-देन का विवाद सामने आया है. हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान हुई है. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
कर्ज वसूली को हो रहा था तगादा
पुलिस के समक्ष पत्नी रिंकी देवी एक ही बात कह रही थी कि मुन्ना, संजय व अमित का नाम बार-बार ले रही थी. परिजनों का कहना है कि तीन लोग कर्ज वसूली के लिए तगादा करने आते थे. पुलिस का कहना है कि मामले में जांच पड़ताल के उपरांत ही स्थिति स्पष्ट होगा.
60 हजार रुपये के विवाद की बात सामने आ रही है. परिजनों ने बताया कि रिंकी के साथ राकेश ने प्रेम विवाह रचाया था. उसके दो बच्चे है. इसमें पांच की बेटी सोनम व तीन वर्ष के पुत्र अभिनव है. जो मां बदहवाश मां की गोद में पड़ा था. मृतक का बड़ा भाई राजेश इंजीनियर है.
