उज्ज्वला : एक साल तक इएमआइ नहीं

सुबोध कुमार नंदन पटना : प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना में केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने इसमें नये ग्राहकों से इएमआइ वसूलने की योजना को टाल दिया है. अब नये ग्राहकों को एक साल तक इएमआइ नहीं देना होगा. ज्ञात हो कि उज्ज्वला योजना के तहत ग्राहकों को मुफ्त गैस कनेक्शन […]

सुबोध कुमार नंदन
पटना : प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना में केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने इसमें नये ग्राहकों से इएमआइ वसूलने की योजना को टाल दिया है. अब नये ग्राहकों को एक साल तक इएमआइ नहीं देना होगा. ज्ञात हो कि उज्ज्वला योजना के तहत ग्राहकों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलता है. हालांकि इस योजना में बदलाव का लाभ एक अगस्त 2019 से जुड़ने वाली महिला लाभार्थियों को ही मिलेगा.
मिली जानकारी के अनुसार सार्वजनिक तीनों तेल कंपनियों ने जुलाई 2020 तक इएमआइ रिकवरी योजना स्थगित रखने का फैसला किया है. यह फैसला उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एलपीजी का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के मद्देनजर लिया गया है.
इंडियन ऑयल ने बांटे सबसे अधिक कनेक्शन : सूबे में अगस्त माह 2019 में लगभग 3,92,279 लाभार्थियों को एलपीजी सिलिंडर दिये गये. इनमें सबसे अधिक इंडियन ऑयल ने 2,13,475 कनेक्शन बांटे. इसके अलावा भारत पेट्रोलियम ने 99,911 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 78,893 एलपीजी सिलिंडर जारी किया. उल्लेखनीय है कि बिहार में अब तक 85.27 लाख से अधिक कनेक्शन महिला लाभार्थियों के बीच बांटे जा चुके हैं.
14.2 किलो का एलपीजी सिलिंडर लेने वाले ग्राहकों को पहले छह रिफिल पर कोई इएमआइ नहीं देना होगा. सातवें रिफिल से इएमआइ की शुरुआत हो जायेगी.
इसके अलावा पांच किलोग्राम का एलपीजी सिलिंडर लेते हैं, तो शुरुआती 17 रिफिल पर इएमआइ नहीं देना होगा. लाभार्थियों को सब्सिडी की पूरी रकम मिलेगी. अगस्त 2019 से उज्ज्वला योजना में जुड़ने वाले ग्राहकों को इएमआइ देने की आवश्यकता नहीं होगी और यह फायदा अगले साल जुलाई तक महिला लाभार्थियों को दिया जायेगा.
1600 रुपये की सब्सिडी देती है सरकार
उज्ज्वला योजना के तहत ग्राहक को एक स्टोव और एक एलपीजी सिलिंडर देती है. इसकी कुल कीमत 3,200 रुपये है. इसमें 1,600 रुपये की सब्सिडी सरकार देती है. वहीं बाकी 1,600 रुपये तेल कंपनियां ग्राहकों को लोन के रूप में देती है. ग्राहकों को इसका भुगतान इएमआइ के रूप में करना होता है.
इएमआइ का स्ट्रक्चर ये होता है कि एलपीजी सिलिंडर के रिफिल कराने पर जो सब्सिडी की राशि आपको मिलनी चाहिए, वो आपको न मिलकर तेल कंपनियों के खाते में सीधे डाली जाती है. जब लाभार्थी 1,600 रुपये की राशि चुका देते हैं. उसके बाद लाभार्थ सब्सिडी मिलने की शुरुआत हो जाती है. अगर लाभार्थी इएमआइ की राशि जब तक नहीं चुका पाते हैं, तब तक उन्हें बाजार दर पर एलपीजी लेना होता है.

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