पटना : बाकरगंज नाले के पूर्वी-पश्चिमी लोहानीपुर, कदमकुआं सहित दर्जनों मुहल्लों के पानी की निकासी होती है. लेकिन, नाला जर्जर होने और समुचित सफाई नहीं होने की वजह से पानी की निकासी नहीं होती है और मुहल्ले में लोग जलजमाव की समस्या झेलने को मजबूर होते हैं.
इस समस्या के स्थायी निदान को लेकर स्मार्ट सिटी योजना के तहत बाकरगंज नाले को बॉक्स नाला में बदलने के साथ नाले के ऊपर सड़क बनाने की योजना बनायी गयी. इस योजना को लेकर एजेंसी चयनित की गयी, जिसने काम शुरू कर दिया. लेकिन, अब स्मार्ट सिटी बोर्ड ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. इससे बाकरगंज नाले का निर्माण
कार्य रुक गया है.
सड़क बनने से बड़ी आबादी को होता लाभ
बाकरगंज नाले की शुरुआत पीरमुहानी स्थित उमा सिनेमा हॉल से होती है. यह अंटा घाट तक जाता है. इस नाले की लंबाई करीब दो किलोमीटर है, जिस पर नाला व सड़क बननी है. नयी सड़क बनने से कदमकुआं, लोहानीपुर, राजेंद्र पथ आदि इलाकों से बारिश के दिनों में पानी निकलना आसान होगा.
वहीं, इन इलाकों में रहने वाली बड़ी आबादी को नयी सड़क मिलती और गांधी मैदान, अशोक राजपथ व अंटा घाट आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा होती. लेकिन, निर्माण पर रोक के बाद असमंजस की स्थिति बन गयी है.
बिना स्वीकृति लिये योजना पर शुरू किया गया काम : बाकरगंज नाले के पुन: विकसित करने की योजना 15.71 करोड़ रुपये में बनी. डीपीआर व डिजाइन पर 3.46 लाख रुपये खर्च किये गये. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया.
लेकिन, स्मार्ट सिटी की छठी बोर्ड की बैठक में योजना की समीक्षा की गयी, तो योजना के लिए केंद्र सरकार की नगर आवास विकास मंत्रालय से स्वीकृति नहीं ली गयी है. समक्ष प्राधिकार से स्वीकृति नहीं लेने की वजह से योजना पर रोक लगा दी गयी है.
