7% से अधिक फीस बढ़ायी तो एडजस्ट करनी होगी बढ़ी राशि

पटना : प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने निर्देश दिया कि कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी फीस में सात फीसदी से अधिक वृद्धि नहीं कर सकते हैं. यदि किसी स्कूल ने वर्तमान सत्र (2019-20) में पिछले वर्ष से फीस में सात फीसदी से अधिक बढ़ोतरी कर अभिभावकों से वसूली की है तो उनको अगले छह महीने […]

पटना : प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने निर्देश दिया कि कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी फीस में सात फीसदी से अधिक वृद्धि नहीं कर सकते हैं. यदि किसी स्कूल ने वर्तमान सत्र (2019-20) में पिछले वर्ष से फीस में सात फीसदी से अधिक बढ़ोतरी कर अभिभावकों से वसूली की है तो उनको अगले छह महीने में बढ़ी फीस की राशि को एडजस्ट करना होगा.

अगर कोई स्कूल सात फीसदी से अधिक फीस बढ़ा रहा है तो उसे आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी को कारण सहित बताना हाेगा. जांच के बाद उनके प्रस्ताव पर निर्णय लिया जायेगा. आयुक्त ने सोमवार को बिहार बोर्ड कार्यालय में प्राइवेट स्कूलों के संचालकों व प्राचार्यों के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों ने सात फीसदी से अधिक वार्षिक फीस वृद्धि की है, वे पूरी विवरणी के साथ 15 दिनों में रिपोर्ट जमा कराएं.
साथ ही अगले सत्र (2020-21) की फीस वृद्धि के लिए भी 30 नवंबर तक कारण सहित प्रस्ताव जमा कराना होगा.आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में सबसे बड़ी परेशानी स्कूल प्रशासन व अभिभावकों के बीच संवादहीनता भी है. इसके लिए हर
स्कूलों ने कहा-पटना में स्कूल खोलना खर्चीला :
स्कूल अगले एक माह के अंदर अपनी वेबसाइट तैयार करेंगे. इस वेबसाइट पर स्कूल की एडमिशन फीस, री-एडमिशन फीस, डेवलपमेंट फीस, ट्यूशन फीस, एनुअल चार्ज, विद्यालय में चलने वाली पुस्तकों की सूचना अपडेट रखी जायेगी. वेबसाइट के साथ ही यह सारी सूचनाएं स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी अनिवार्य रूप से चिपकायी जायेंगी.
बैठक में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी सर्वनारायण यादव, आरटीए सचिव सुशील कुमार, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुरेंद्र कुमार सिन्हा, डीइओ ज्योति कुमार व डीटीओ अजय कुमार ठाकुर भी मौजूद थे.
प्राइवेट स्कूलों के संचालकों और प्राचार्यों के साथ बैठक
चालू सत्र में जिन स्कूलों ने सात फीसदी से अधिक फीस वृद्धि की है, उन्हें पूरे ब्योरे के साथ 15 दिनों में रिपोर्ट जमा करनी होगी
अगले सत्र की फीस वृद्धि के लिए भी स्कूलों को 30 नवंबर तक कारण सहित प्रस्ताव जमा कराना होगा
स्कूल बसों में नहीं होगा म्यूजिक सिस्टम, जीपीएस लगाना जरूरी
आयुक्त ने आरटीएस सचिव को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि स्कूली बसों में म्यूजिक सिस्टम नहीं होना चाहिए. इसका उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. साथ ही स्कूल बसों के परमिट, प्रदूषण व फिटनेस की भी जांच कर ली जाये.
बिना समुचित कागजात के चल रहे बसों का परमिट रद्द किया जायेगा. हर स्कूल की अपनी वाहन पार्किंग होना अनिवार्य है. साथ ही सभी स्कूल बसों में जीपीएस लगाना जरूरी है.
सुरक्षा के लिए लगाएं सीसीटीवी छात्राओं के लिए हो अलग शौचालय
आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी लगाया जाना सुनिश्चित करें. साथ ही लड़के व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय व सफाईकर्मी होने चाहिए.
छात्राओं के लिए बने शौचालय के पास महिला अटेंडेंट या महिला सफाईकर्मी ही लगायी जाएं. आयुक्त ने कहा कि पूर्व में हुई घटनाओं को देखते हुए जरूरी है कि सभी स्कूल संचालक अपने गार्ड, सफाईकर्मी, अटेंडेंट, पिऊन, ड्राइवर के आइडी प्रूफ व सभी विवरणी 15 दिनों के अंदर थाने में जमा करा कर उनका सत्यापन सुनिश्चित करा लें.
जबरन यूनिफॉर्म-किताब बेचने पर रद्द होगी मान्यता
आयुक्त ने कहा कि किसी भी प्राइवेट स्कूल के संचालक अभिभावकों को पाठ्यपुस्तकें, कॉपी और यूनिफॉर्म आदि किसी खास दुकान या स्कूल परिसर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेंगे. स्कूल अपनी वेबसाइट पर अभिभावकों को यूनिफॉर्म का कलर और किताबों की लिस्ट बता दें, ताकि वे अपनी सुविधानुसार इसकी खरीद कर सकें.
अगर किसी स्कूल के खिलाफ यह शिकायत आयी कि उसने किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताब खरीदने के लिए बाध्य किया है तो पहली बार शिकायत होने पर एक लाख रुपये और दूसरी बार शिकायत पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. अगर तीसरी बार भी यह शिकायत मिली तो स्कूल की मान्यता ही रद्द कर दी जायेगी.

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