पटना : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पटना जंक्शन एरिया को विकसित करने की योजना है. इस योजना के तहत निजी एजेंसी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लि को चयनित किया गया. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्क ऑर्डर व एग्रीमेंट होते ही चयनित एजेंसी ने काम भी शुरू कर दिया. लेकिन, पिछले दिनों पटना स्मार्ट सिटी लि बोर्ड की बैठक में एजेंसी को दिया गया वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया.
स्टेशन एरिया के विकास पर लगा ग्रहण
पटना : स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पटना जंक्शन एरिया को विकसित करने की योजना है. इस योजना के तहत निजी एजेंसी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लि को चयनित किया गया. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्क ऑर्डर व एग्रीमेंट होते ही चयनित एजेंसी ने काम भी शुरू कर दिया. लेकिन, पिछले दिनों […]

स्मार्ट सिटी लि के प्रोजेक्ट इंचार्ज ने एजेंसी में तकनीकी खामियां बतायी हैं. इसकी सूचना उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लि के जीएम को भी दे दी गयी है. वर्क ऑर्डर रद्द होने के बाद स्टेशन एरिया का निर्धारित समय-सीमा में डेवलप करना मुश्किल होगा. वहीं, प्रोजेक्ट लागत भी बढ़ने की आशंका है.
छह से आठ माह हो जायेगा विलंब : चयनित एजेंसी ने एग्रीमेंट के अनुसार मिक्सिंग प्लांट व कार्यालय निर्माण लगभग पूरा कर लिया था. इसके साथ ही निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था. लेकिन, अब वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया है.
इस स्थिति में स्मार्ट सिटी लि को स्टेशन एरिया डेवलप करने को लेकर दूसरी एजेंसी का चयन करना पड़ेगा. इसको लेकर टेंडर निकालने, चयन की प्रक्रिया पूरी करने, वर्क ऑर्डर देने में कम-से-कम छह से आठ माह लगेंगे.
इन योजनाओं पर भी लगेगा ग्रहण
समाहरणालय से एनआइटी घाट के सभी एप्रोच रोड को स्मार्ट बनाने की योजना
मोठ, सर्पेंटाइन व पटेल नगर नाले के ऊपर सड़क बनाने की योजना
पटना कॉलेज के समीप डच कैफेटेरिया बनाना
पटना विश्वविद्यालय में जिम बनाना
आयकर गोलंबर के समीप अंतरराष्ट्रीय कैफेटेरिया का निर्माण
कोर्ट में भी पहुंच सकता है मामला
एजेंसी अब तक लाखों खर्च कर चुकी है. अत: एजेंसी हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी. स्मार्ट सिटी लि के अधिकारी बताते हैं कि एजेंसी के लाखों रुपये खर्च करने पर भी स्मार्ट सिटी लि से एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया है. इससे आशंका है कि एजेंसी हाइकोर्ट में याचिका दायर करे. उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के जीएम ओपी तिवारी ने बताया कि बिना कोई नोटिस दिये वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया है. इसको लेकर वे शीघ्र कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.
211 करोड़ की लागत से पूरा करना है प्रोजेक्ट
स्टेशन एरिया को विकसित करने को लेकर 455 करोड़ रुपये आवंटित किये
गये थे. लेकिन, प्रोजेक्ट की लागत 211 करोड़ तय की गयी और एजेंसी का चयन किया गया. इस राशि से अलग-अलग कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, परिसर की सड़कें, लाइटिंग और ग्रीन बेल्ट विकसित करना था. लेकिन, अब समय बढ़ने से प्रोजेक्ट लागत भी बढ़ जायेगी.
तकनीकी गड़बड़ी की वजह से स्टेशन एरिया को विकसित कर रही एजेंसी का वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया गया है. सूचना एजेंसी को दे दी गयी है. प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने का प्रयास होगा.
हर्षिता, पीआरओ, स्मार्ट सिटी