मसौढ़ी : 50 लाख तक की विवादित राशि का 30% भुगतान कर हो सकेंगे करमुक्त

पटना : पुरानी कर व्यवस्था से जुड़े विभिन्न ट्रिब्यूनलों में लंबित पुराने मामलों के निबटारे को लेकर केंद्र सरकार नयी योजना लेकर आयी है. सबका विश्वास नाम से लायी गयी इस एकमुश्त समझौता योजना एक सितंबर 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक प्रभावी है. योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देने के उद्देश्य से […]

पटना : पुरानी कर व्यवस्था से जुड़े विभिन्न ट्रिब्यूनलों में लंबित पुराने मामलों के निबटारे को लेकर केंद्र सरकार नयी योजना लेकर आयी है. सबका विश्वास नाम से लायी गयी इस एकमुश्त समझौता योजना एक सितंबर 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक प्रभावी है. योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देने के उद्देश्य से केंद्रीय जीएसटी विभाग पटना कार्यालय ने बीआइए के साथ मिल कर एक आउटरिच कार्यक्रम आयोजित किया.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से सहायक आयुक्त के साथ ही अधीक्षक उपस्थित थे. उन्होंने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 30 जून 2019 तक के ऐसे सभी विवादित मामलों में लाभ उठाया जा सकता है. इस विवादित बकाया राशि पर कोई टैक्स या दंड नहीं लगेगा. यदि विवादित राशि 50 लाख तक का है तो करदाता एक मुश्त विवादित बकाया राशि का 30 फीसदी भुगतान कर करमुक्त हो जायेंगे. इस मौके पर बीआइए अध्यक्ष केपीएस केशरी, रामलाल खेतान व रमेशचंद्र गुप्ता सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
कहीं लटका था ताला, तो कहीं मुखिया व सरपंच थे नदारद
उपेक्षा . पंचायत सरकार भवन को सचिवालय के रूप में बदलने की योजना नहीं उतरी जमीन पर पंचायत सरकार भवन को पंचायत सचिवालय के रूप में तब्दील करने की योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है . यहां नियमित तौर पर न तो पंचायत प्रतिनिधि बैठना मुनासिब समझते हैं और न ही वहां पदस्थापित कर्मी .
ग्रामीणों को आज भी छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड व अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है . जन्म व जाति प्रमाणपत्र के िलए उन्हंे अब भी भटकना पड़ रहा है. जनप्रतिनििधयों के नहीं रहने से ग्रामीणों की फरियाद नहीं सुनी जा रही है.
मसौढ़ी : अनुमंडल के तीनों प्रखंडों मसौढ़ी व धनरूआ एवं पुनपुन की विभिन्न पंचायत मुख्यालयों में बने पंचायत सरकार भवन कभी खुलते हैं, कभी नहीं. ग्रामीणों को आज भी छोटे -छोटे काम के लिए प्रखंड व अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है .यहां आरटीपीएस काउंटर खोलना है जहां ग्रामीणों को ऑनलाइन सभी सुविधा मिले.
एक -दो पंचायत सरकार भवन को छोड़ कर वहां पदस्थापित आरटीपीएस के कार्यपालक सहायक उक्त पंचायत सरकार भवन में न बैठ प्रखंड कार्यालय में बैठ रहे हैं . इससे वहां के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है . शुक्रवार को प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने मसौढ़ी प्रखंड के लखनौर बेदौली , धनरूआ के सांडा व पुनपुन के लखना पूर्वी पंचायत सरकार भवन की स्थिति का जायजा लिया.
नहीं है पंचायत सरकार भवन
खगौल. जमालुदीनचक पंचायत में पंचायत सरकार भवन नहीं है. मुखिया सामुदायिक भवन में बैठ कर ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करती हैं.उन्होंने बताया मेरे पंचायत में सरकारी भवन नहीं बना है मैं सामुदायिक भवन में बैठ कर ग्रामीणों की समस्या सुनती हूं .

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