आनंद तिवारी
पटना : स्कूल से लौटने के वक्त सड़क हादसे में घायल पांच साल की सोनम ने बुधवार को पीएमसीएच में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. नालंदा की रहने वाली यह मासूम दुनिया से विदा तो हो गयी, पर दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गयी. मां-बाप की इकलौती बेटी की मौत के बाद परिजनों ने उसका नेत्रदान करने का फैसला किया. इसके बाद पीएमसीएच के कॉर्निया ट्रांसप्लांट यूनिट में उसकी कॉर्निया निकाली गयी. गम के बीच इतनी कम उम्र की बच्ची का नेत्रदान करने के बाद लोग परिवारवालों को सलाम कर रहे हैं.
प्रेरक : स्कूल से लौटते वक्त सड़क हादसे में हुई घायल, मौत के बाद पिता ने किया नेत्रदान
एक घंटा तक मां ने बच्ची के शव को लगाये रखा सीने से
परिजनों ने मंगलवार की देर रात 12:45 बजे सोनम को पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गयी.
जब इसकी जानकारी उसकी मां शोषन देवी मिली, तो उन्होंने बेटी के शव को सीने से लगा लिया. करीब एक घंटा तक मां मृत बेटी को गले से लगायी बैठी रहीं. मां को रोता देख स्टाफ, आम मरीज व उनके परिजनों की आंखें भी नम हो गयीं. सोनम के पिता साहेब यादव ने किसी तरह पत्नी के गले से मृत बेटी को अलग कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करायी.
राज्य में इतनी कम उम्र की बच्ची की पहली बार कॉर्निया निकाली गयी
वैसे तो कॉर्निया ट्रांसप्लांट आइजीआइएमएस व पीएमसीएच में सैकड़ों हो चुके हैं. लेकिन, पीएमसीएच के नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों का दावा है कि इतनी कम उम्र (पांच साल) की बच्ची की कॉर्निया निकालने की यह पहली घटना है. जानकारों की मानें तो आइजीआइएमएस व पीएमसीएच में इससे पहले 12 व 16 साल तक के बच्चों की कॉर्निया निकाली जा चुकी है.
डॉक्टरों ने जवाब दिया तभी सोच लिया
सोनम मेरी इकलौती बच्ची थी. जब डॉक्टरों ने जवाब दिया, तभी मैंने सोच लिया था कि बच्ची का नेत्रदान करेंगे, ताकि दूसरे लोगों की जिंदगी रोशन हो सके.
-साहेब यादव, बच्ची के पिता
सभी डॉक्टरों ने की सराहना
पीएमसीएच में पांच साल की बच्ची की पहली बार कॉर्निया ली गयी है. बच्ची के माता-पिता की सभी विभागों के अध्यक्ष व डॉक्टरों ने सराहना की. इससे दो दृष्टिहीन लोगों में कॉर्निया का ट्रांसप्लांट किया जा सकेगा.
-डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक पीएमसीएच
