पटना से गायब हो रहीं लड़कियां, तस्करी या अपहरण? आंकड़े हैरान करने वाले

आनंद तिवारी/पटना : पटना जिले में करीब 20 ऐसे परिवार हैं, जो अपनी लाड़ली के घर लौटने का इंतजार लंबे समय से कर रहे हैं. आलम यह है कि पुलिस भी इनको खोज नहीं पायी है. लेकिन, इन परिवारों की चौखट पर सुनाई देने वाली हल्की सी आहट भी विचलित कर देती है कि शायद […]

आनंद तिवारी/पटना : पटना जिले में करीब 20 ऐसे परिवार हैं, जो अपनी लाड़ली के घर लौटने का इंतजार लंबे समय से कर रहे हैं. आलम यह है कि पुलिस भी इनको खोज नहीं पायी है.
लेकिन, इन परिवारों की चौखट पर सुनाई देने वाली हल्की सी आहट भी विचलित कर देती है कि शायद उनकी खोयी हुई बेटी लौट आयी हो. पुलिस अधिकांश मामलों को प्रेम-प्रसंग में भागने की बात कह पल्ला झाड़ लेती है. पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी दावा करते हैं कि शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुट जाती है. वहीं, बिहार की बात करें, तो ऐसी सैकड़ों लड़कियां हैं, जिनका अब तक सुराग नहीं मिला है.
पटना की लड़कियां मिल चुकी हैं दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा में
शहर से गायब लड़कियां दिल्ली, राजस्थान व हरियाणा से बरामद हो चुकी हैं. राजीव नगर की 16 साल की एक बच्ची को पटना पुलिस की मदद से दिल्ली से बरामद किया गया. वहीं जुलाई, 2018 में पटना सिटी की दो लड़कियों को बहला कर शातिर हरियाणा ले गये और उसे वहां बेच दिया. पटना पुलिस की मानें, तो इस मामले में पटना सिटी का एक दलाल व हरियाणा का एक आरोपित गिरफ्तार हुआ था.
वहीं पिछले साल दिसंबर में पत्रकार नगर थाना इलाके की एक लड़की को झांसा देकर राजस्थान के चिरावां में बेच दिया गया. वहीं, उसकी शादी झुनझुन के विनोद से की गयी. पटना आने के बाद मामले का खुलासा हुआ.
पटना शहर में गायब लड़कियों के आंकड़े
13 जनवरी 2019
बहादुरपुर इलाके में कक्षा नौ में पढ़ने वाली दो लड़कियां गायब, कंकड़बाग थाने में मामला दर्ज.
मार्च 2019
कृष्णापुरी थाने के आनंदपुरी इलाके से एक लड़की अपने प्रेमी बैजनाथ के साथ गायब हो गयी थी.
17 मार्च 2019
आलमगंज थाना क्षेत्र में एक छात्रा किताब लेने गयी उसके बाद से, फिर नहीं लौटी.
31 मई 2019
पूर्वी लोहानीपुर के रहने वाले प्रमोद रजक की 14 साल की बेटी पिछले पांच महीने से लापता है.
27 अगस्त 2019
कंकड़बाग थाना इलाके के अशोक नगर की रहने वाली आठ साल की बच्ची ही लापता है.
31 अगस्त 2019
कंकड़बाग के आजाद नगर में अपने नाना के घर आयी 8 साल की पिंकी 25 अगस्त से लापता है.
अकेले पटना से 7 महीने में 25 लड़कियां गायब
बिहार के ग्रामीण इलाकों के अलावा पटना जिले में भी लड़कियों के गायब होने के मामले सामने आये हैं. पुलिस कार्यालय के आंकड़ों को मानें, तो पटना जिले में इस साल जनवरी से जुलाई तक कुल 25 लड़कियों के गायब होने की सूचना थानों में दर्ज करायी गयी है. इसमें पटना के अलग-अलग थानों में यह मामला दर्ज है. हालांकि, इनमें से कुल पांच लड़कियों को पुलिस ने खोज कर परिवार वालों को सौंप दिया है. वहीं, बाकी लड़कियों की तलाश जारी है.
तस्करी की आशंका : गायब होने वाले अधिकांश नाबालिग बच्चों में सबसे अधिक लड़कियों की संख्या शामिल हैं. ऐसे में संदेह उठता है कि इन लड़कियों की तस्करी दूसरे राज्यों में कर दी गयी है. पुलिस का दावा है इनमें अधिकांश बच्चियों को खोज दिया गया हैं. वहीं, इनके परिजन आज भी अपने दरवाजे पर टकटकी लगाएं इनके आने की बाट खोज रहे हैं.
बोले आइजी
सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी अलर्ट है. लड़कियों के गायब होने का कोई बड़ा मामला अभी तक निकल कर सामने नहीं आया है. हालांकि लड़कियां क्यों गायब हुईं, इसकी छानबीन चल रही है. सभी थानों को अलर्ट किया गया है.
संजय सिंह, आइजी, पटना
1976 गुमशुदगी के मामले लव अफेयर के निकले
नेशनल क्राइम ब्यूरो के रिकॉर्ड के अनुसार बिहार में वर्ष 2018-19 में करीब 3,143 लड़कियां गायब हुई हैं. इनमें 1976 लड़कियों के गायब होने के पीछे का कारण लव अफेयर बताया गया है. इसमें अधिसंख्य मध्यम व गरीब परिवार की हैं.
थाने में दर्ज गुमशुदगी के बाद जब पुलिस ने पड़ताल की, तो लव अफेयर के मामले सामने आये. वहीं, बाकी लड़कियां कहां व किस हालत में हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है. जानकारों की मानें, तो गायब हुई कुछ ऐसी लड़कियों को बरामद किया गया, जिनको गिरोह के सदस्य अपने जाल में फांस कर सेक्स रैकेट आदि की जिल्लत भरी जिंदगी में धकेल दिये हैं.

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