पटना : अपने ही देश में लाखों लोग हुए विदेशी : प्रशांत किशोर

पटना : असम के लिए जारी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) की सूची पर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठने शुरू हो गये हैं. इस मामले में जदयू अपना पत्ता सोमवार को खोलेगा. राजनीतिक रणनीतिकार माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने एनआरसी की सूची पर कहा है कि अाधे-अधूरे एनआरसी लिस्ट से अपने ही […]

पटना : असम के लिए जारी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) की सूची पर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठने शुरू हो गये हैं. इस मामले में जदयू अपना पत्ता सोमवार को खोलेगा.
राजनीतिक रणनीतिकार माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने एनआरसी की सूची पर कहा है कि अाधे-अधूरे एनआरसी लिस्ट से अपने ही देश में लाखों लोग विदेशी हो गये हैं. यह उनलोगों के सामने एक बड़ा संकट है. जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि जब रणनीतिक और व्यवस्थागत चुनौतियों को ध्यान दिये बिना सुरक्षा से जुड़े मसलों का समाधान गलत तरीके से समझ कर किया जाता है, तो लोगों को ऐसी ही कीमत चुकानी पड़ती है.
गौरतलब है कि एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को जारी की गयी थी. इसमें 19 लाख लोगों को इससे बाहर कर दिया गया है. अब उनके सामने राष्ट्रीयता की समस्या खड़ी हो गयी है. इसके पहले असम सरकार ने बिहार सरकार से करीब 70 हजार लोगों के बारे में जानकारी मांग थी. राज्य सरकार ने अधिकतर मामलों में सूचना भेज दी थी.

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