पटना : पटना हाइकोर्ट ने बिहार के सभी पैक्सों में प्रक्रिया का बिना पालन किये ऑनलाइन आवेदन के आधार पर सदस्य बनाएं जाने के निबंधक सहयोग समिति के आदेश को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि पैक्स में जो भी सदस्य बनना चाहते हैं, वह पहले अपना आवेदन संबंधित पैक्स में देंगे और पैक्स की ओर से उनके आवेदन पर विचार कर उन्हें सदस्य बनाया जायेगा. अगर संबंधित पैक्स द्वारा किसी भी आवेदक को सदस्य नहीं बनाया जाता है, तो वह उस आदेश को प्राधिकरण में चुनौती दे सकते हैं.
पैक्स में ऑनलाइन आवेदन के आधार पर सदस्य बनाना गलत
पटना : पटना हाइकोर्ट ने बिहार के सभी पैक्सों में प्रक्रिया का बिना पालन किये ऑनलाइन आवेदन के आधार पर सदस्य बनाएं जाने के निबंधक सहयोग समिति के आदेश को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि पैक्स में जो भी सदस्य बनना चाहते हैं, वह पहले अपना आवेदन संबंधित पैक्स में देंगे और […]

पैक्स में ऑनलाइन आवेदन के आधार पर सदस्य बनाना गलत
न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने इन्डबल पैक्स समेत कई अन्य पैक्स की ओर से निबंधक सहयोग समिति के आदेश को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अधिवक्ता विंध्याचल राय व अन्य कई अधिवक्ताओं को सुनने के बाद यह निर्देश दिया. कोर्ट ने मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया. कोर्ट ने कहा कि आवेदन देने के दो सप्ताह के अंदर संबंधित पैक्स आवेदन पर उचित निर्णय ले लेगा. इसके बाद ही मतदाता सूची और पैक्स चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जाये.
पुलिस हिरासत में हुई मौत पर सरकार से जवाब तलब : पटना हाइकोर्ट ने सीतामढ़ी के डुमरा थाने में दो युवकों के पुलिस हिरासत में हुए मौत के मामले पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने नौ सितंबर तक सरकार को जवाब देने को कहा है.
जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह की एकलपीठ ने मनवर अली व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. कोर्ट ने इस मामले में सीबीआइ को भी पार्टी बनाने का निर्देश याचिकाकर्ता को दिया है. गौरतलब है कि तस्लीम अंसारी और गुफरान आलम को डुमरा पुलिस ने चकिया से पकड़ कर थाना में बंद कर दिया, जहां पांच व छह मार्च, 2019 की मध्यरात्रि में पुलिस कस्टडी में ही इनकी मौत हो गयी.