पटना : पटना हाइकोर्ट ने राज्य के विभिन्न विभागों की ओर से 2002 से 2018 तक के उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिये जाने पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने राज्य सरकार व महालेखाकार से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है. न्यायाधीश शिवाजी पांडेय व न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने रंजीत पंडित की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिये जाने पर सरकार से मांगा जवाब
पटना : पटना हाइकोर्ट ने राज्य के विभिन्न विभागों की ओर से 2002 से 2018 तक के उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिये जाने पर नाराजगी जाहिर की है. कोर्ट ने राज्य सरकार व महालेखाकार से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है. न्यायाधीश शिवाजी पांडेय व न्यायाधीश पार्थ सारथी की खंडपीठ ने रंजीत पंडित की ओर […]

कोर्ट को याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि इस मामले में बड़े पैमाने पर बीस हजार करोड़ की वित्तीय अनियमितता की गयी है. 15 वर्षों तक उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया गया. ऐसी स्थिति में इस मामले की सीबीआइ जांच करायी जाये. कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में अकाउंटेंट जनरल ने भी आपत्ति प्रकट की है. खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है.