जक्कनपुर पुलिस को मिली सफलता, सात माह पहले चुरायी गयी थी मूर्ति
पटना : जक्कनपुर पुलिस ने करबिगहिया में चेकिंग के दौरान मूर्ति तस्कर प्रेम कुमार को पकड़ लिया. हालांकि, उसका एक अन्य साथी सोनू कुमार भागने में सफल रहा. प्रेम के पास से पुलिस ने लाखों रुपये की प्राचीन अष्टधातु की ठाकुरजी की मूर्ति को बरामद किया. यह मूर्ति इस्लामपुर या एकंगरसराय के किसी ठाकुरबाड़ी से छह-सात माह पहले चुरायी गयी थी. पुलिस छानबीन में जुटी है और संग्रहालय के एक्सपर्ट से मूर्ति की जांच करायी जा रही है. पकड़ा गया प्रेम कुमार मूल रूप से अस्थावां के हुसैनपुर का रहने वाला है.
जबकि, सोनू कुमार पटना के बाजार समिति में किराये पर मकान लेकर रहता है. पुलिस को सोनू के संबंध में पूरी जानकारी मिल चुकी है और पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. जक्कनपुर थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा ने बताया की चेकिंग के दौरान मूर्ति बरामद की गयी है. एक तस्कर को पकड़ा गया है और दूसरे को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.
मूर्ति कर वजन करीब 20-25 किलो है और इसकी बाजार में कीमत लाखों में बतायी जाती है. पुरातत्व निदेशक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि वैष्णव तिलक व कानों के पास विशेष अलंकार निश्चित ही वैष्णव संप्रदाय से संबंधित करता है. साथ ही आंख व शरीर की रचना कृष्ण के समकक्ष ले जाती है. उन्होंने बताया कि मूर्ति काफी प्राचीन है.
बाइक से जा रहे थे नालंदा : जानकारी के अनुसार बाजार समिति से प्रेम व सोनू मूर्ति को लेकर बाइक से नालंदा जा रहे थे. इसी बीच करबिगहिया के पास पुलिस ने चेकिंग लगा दी. सोनू ने मूर्ति वाले बैग को पुलिस को दे दी और वहां से खिसक गया.
मूर्ति देख कर पुलिस को शक हुआ और उसने प्रेम को पकड़ लिया. उसकी बाइक भी जब्त कर ली गयी. मूर्ति के संबंध में जानकारी ली तो उसने बताया कि उक्त मूर्ति इस्लामपुर या एकंगरसराय इलाके के एक ठाकुरबाड़ी से चोरी की गयी थी और उसे बेचने के लिए नालंदा लेकर जा रहे थे.
पटना संग्रहालय से चोरी गयी मूर्ति अस्थावां में हुई थी बरामद : कुछ साल पहले लाखों की करीब 11 मूर्तियां अस्थावां इलाके से ही पुलिस ने बरामद की थी. मूर्ति चोरों ने सारी मूर्तियों को जमीन में गाड़ कर रखा था. पकड़ा गया प्रेम कुमार भी अस्थावां का रहने वाला है. इसके संपर्क अंतरराष्ट्रीय मूर्ति चोरों से होने की आशंका जतायी जा रही है. साथ ही नालंदा जिले के मंदिर व मठ पूर्व से ही मूर्ति चोरों के निशाने पर रहे हैं. कई मंदिरों में घटनाएं हो चुकी है.
पीएमसीएच और एनएमसीएच का हाल : सीनियर डॉक्टर के इंतजार में घंटों बैठे रहे मरीज शहर के दो बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच और एनएमसीएच का हाल पहले तो ओपीडी में इलाज को पंजीयन कराने के लिए धूप में कतार लगानी पड़ती है. दरअसल पंजीयन काउंटर के बाहर बनाये गये शेड के छोटा पड़ने व कतार शिशु रोग विभाग तक पहुंच जाने की स्थिति में यह समस्या कायम रहती है. वहीं, दूसरी ओर कई सीनियर डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहंुचते हैं. इससे मरीज व उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है.
