कोतवाली पुलिस ने आयकर गोलंबर पर टेंपो से पकड़ा
पटना : कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान आयकर गोलंबर पर टेंपो से हड़ताली मोड़ की ओर जा रहे त्रिभुवन मंडल को पकड़ लिया. उसके पास रहे बैग से 14 लाख रुपये नकद बरामद किये गये हैं. पुलिस के समक्ष फिलहाल त्रिभुवन मंडल ने रुपयों से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं दी है और न ही उचित कागजात को प्रस्तुत किया है. इसके कारण मामला संदिग्ध हो गया है. पुलिस अब यह संभावना जता रही है कि मामला गड़बड़ है.
उससे पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही आयकर विभाग को भी सूचित कर दिया गया है, ताकि उनकी टीम भी अपने स्तर से छानबीन कर सके. त्रिभुवन मंडल मूल रूप से भागलपुर के पीरपैंती हैं. उन्होंने शुक्रवार को स्टेशन गोलंबर से हड़ताली मोड़ की ओर जाने के लिए टेंपो पकड़ा था.
इसी दौरान एसएसपी गरिमा मलिक के आदेश के बाद पूरे पटना जिला में जगह-जगह पर वाहन चेकिंग अचानक ही शुरू कर दी गयी. आयकर गोलंबर पर पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान त्रिभुवन मंडल के पास से 14 लाख रुपये बरामद कर लिया. पूछताछ में त्रिभुवन ने बताया है कि वह गुटखा का व्यापारी है और पटना में खरीदने के लिए आया था. पुलिस ने इस संबंध में भागलपुर पुलिस से भी संपर्क साधा है.
पटना : पटना एनआइए के विशेष जज अजीत कुमार सिन्हा की अदालत में जाली भारतीय नोट की तस्करी मामले में एनआए ने दो अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. जिन दो अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया उनमें मालदा पश्चिम बंगाल निवासी कमरूजमा उर्फ समीरूल उर्फ सलीम एवं चंपारण बिहार निवासी राकेश चौधरी उर्फ वकील शामिल है.
गौरतलब है कि उक्त मामले का खुलासा तब हुआ जब बेतिया टाउन के थाना प्रभारी नित्यानंद चौहान को दो फरवरी 2019 को गुप्त सूचना मिली थी कि मालदा फरक्का पश्चिम बंगाल से जाली भारतीय नोट अंरतराज्यीय गिरोह द्वारा बेतिया चौक समेत बिहार के विभिन्न हिस्सों में बेचने के लिए ला रहे हैं. उक्त सूचना पर जब एक संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी की गयी तो तलाशी के क्रम में उसके पास से दो हजार के कुल चार लाख जाली नोट बरामद हुआ था. पूछताछ के क्रम में पकड़े गये व्यक्ति ने अपना नाम मालदा पश्चिम बंगाल निवासी दुलकर सेठ बताया. मामले की गंभीरता से देखते हुए इसे एनआइए को सौंप दिया गया.
एनआइए ने अनुसंधान जुलकर सेठ के खिलाफ दो मई 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया तथा दोनों अभियुक्तों पर आरोप है कि वे मालदा से जाली नोट लेकर पूरे बिहार में बेचने का काम करते थे. मामले में सहनवाज सेठ सलीम सेठ व मन्ना लाल उफ पन्ना लाल चौधरी जो एनआइए की गिरफ्त में है तथा उनके खिलाफ अनुसंधान जारी रखा है.
