पटना : राजधानी पटना में जमीन की कमी के कारण अब क्षेत्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा रिसर्च इंस्टीट्यूट यहां नहीं बन सकेगा. अब यह संस्थान नालंदा में बनाया जायेगा.
नालंदा में स्वास्थ्य विभाग की तीन एकड़ जमीन पर संस्थान की बिल्डिंग बनेगी. यह रिसर्च इंस्टीट्यूट केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पटना में बनाया जाना था. वर्तमान में आरएमआरआइ, अगमकुआं के भवन के एक हिस्से में बहुत कम संसाधनों के साथ यह संस्थान संचालित किया जा रहा है. केंद्रीय आयुष मंत्रालय के द्वारा राज्य सरकार से मांग की गयी थी कि कम से कम तीन एकड़ जमीन नये भवन के लिए मुहैया करायी जाये. लेकिन यहां जमीन की कमी बरकरार रही और इस को नालंदा में ट्रांसफर करना पड़ा.
नालंदा के पावापुरी में वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान के समीप यह संस्थान बनाने का निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक नालंदा के गिरियक अंचल में कुल तीन एकड़ जमीन वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान की जमीन की तरह ही अर्जित की गयी, जहां पर आयुष मंत्रालय के द्वारा उच्च श्रेणी का चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बनाया जायेगा.
