2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य, समय पर काम पूरा नहीं होने पर केंद्र सरकार ने दिया नये सिरे से टास्क
पटना : बिहपुर से वीरपुर एनएच-106 पर काम में तेजी आयेगी. इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने जून, 2019 में इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनांसियल सर्विसेस (आइएल एंड एफएस) को वर्क शेड्यूल में संशोधन कर काम में जुटने का निर्देश दिया है. हालांकि, राज्य के पथ निर्माण विभाग ने इस एजेंसी के कामकाज से असंतुष्टि जतायी थी.
पथ निर्माण विभाग के सूत्रों का कहना है कि कोसी क्षेत्र के जिलों से जोड़नेवाली बिहपुर-वीरपुर एनएच 106 का निर्माण 2016 में वीरपुर से शुरू हो गया था. सड़क निर्माण की योजना में दोहरीकरण कार्य शामिल है. सड़क निर्माण के लिए 36 माह का समय तय किया गया था. यह एनएच इपीसी मोड पर बन रहा था. इसमें कांट्रैक्टर को खुद से डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन व रोड निर्माण करना था. वर्ल्ड बैंक की सहयोग से बिहपुर से वीरपुर तक लगभग सात अरब 80 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से 130 किलोमीटर में से 105.2 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है.
हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस ने जतायी थी नाराजगी : मुख्य न्यायाधीश एपी साही ने दिसंबर, 2018 में मधेपुरा से उदाकिशुनगंज के बीच सफर करने के बाद एनएच 106 के निर्माण कार्य से नाराजगी जतायी थी.
उन्होंने कहा था कि 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें दो घंटे का वक्त लग गया. यह काफी दयनीय स्थिति है जो लोगों को परेशान करती है. इसके साथ ही सोमवार को भी एक जनहित याचिका पर पटना हाइकोर्ट ने इस सड़क के निर्माण का स्टेटस राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग से पूछा है.
मधेपुरा से उदाकिशुनगंज के बीच हैं गड्ढे
मधेपुरा़ मधेपुरा से उदाकिशुनगंज जाने वाले हिस्से का है. लगभग 30 से 35 किलोमीटर सड़क का नामोनिशान नहीं है. सड़क पर गड्ढा है या गड्ढे में सड़क, कहना मुश्किल है. जर्जर सड़क के कारण मालवाहक वाहन इस रास्ते में आना नहीं चाहते हैं.
यही कारण है कि लोगों को सामान की अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. भागलपुर से सीधे बिहपुर होते हुए इस सड़क पर वाहन चालक आने से मना कर देते हैं. इसका खामियाजा आमलोगों को भुगतना पड़ रहा है. सुपौल जिले के वीरपुर से मधेपुरा होते हुए भागलपुर के बिहपुर तक जाने वाली नेशनल हाइवे 106 जर्जर है.
चार वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं लोग
सुपौल जिले के वीरपुर से मधेपुरा होते हुए भागलपुर के बिहपुर तक जानेवाले नेशनल हाइवे 106 जर्जर है. यह स्थिति इस बारिश से नहीं, बल्कि बीते चार वर्षों से है.
दिन पर दिन सड़क की दशा और बिगड़ती ही चली गयी. वर्ष 2017 के अक्तूबर में प्रधानमंत्री ने मोकामा की एक सभा में नेशनल हाइवे 106 एवं 107 के दोहरीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया था. लेकिन उसके बाद भी भूमि अधिग्रहण, मुआवजे के भुगतान, पेड़ों की कटाई एवं अन्य कार्य की गति इतनी धीमी रही कि शिलान्यास के दो वर्ष बाद भी किसी भी छोर से काम शुरू नहीं हो सका है.
