सीएम के सामने एक बार और होगी बहस
पटना : नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यस्क शिक्षा पर खास फोकस के लिए बिहार सरकार जोर डालेगी. सरकार ने इस संदर्भ में शोध और प्रशिक्षण के निदेशक रहे विनाेदानंद झा को लिखित राय देने को कहा गया है.
एडल्ट एजुकेशन को पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल किया गया है. विषय की संवेदनशीलता के मद्देनजर सरकार चाहती है कि इस पर प्रदेश की राय एक दम साफ होना चाहिए. नयी शिक्षा नीति में मेडिकल कालेजों के प्रबंधन और उनके नियंत्रण पर तमाम विचार दिये गये हैं.
इस पर बिहार चिकित्सा मंत्रालय की राय अहम मानी जायेगी. इसके अलावा वोकेशनल एजुकेशन पर श्रम और इंजीनियरिंग पर तकनीकी शिक्षा एवं शिक्षा में वैज्ञानिक नजरिये पर साइंस और टेक्नोलॉजी विभाग को खास राय देनी है. हालांकि इस राय के बाद मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्रियों की मौजूदगी में एक बार फिर नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार मंथन किया जायेगा. इसके बाद ही इसके ड्रॉफ्ट को अंतिम रूप दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़ी 11 विशेष क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की राय मांगी गयी है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विभागीय जानकारों के मुताबिक इसमें शिक्षा नीति में अरबी और उसके साहित्य की अनेदखी गयी है. गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों को अभिमत देने के लिए शुक्रवार को विभागीय सभागार में विचार मंथन के लिए बैठक अायोजित की थी. इसमें विभिन्न विभागों से राय आयी है.
