विभिन्न जिलों में अलग-अलग है बालू की सरकारी दर
पटना : उत्तर बिहार में बाढ़ आने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं. इस कारण राज्य में बालू की खपत घटी है. इसकी बिक्री पहले की तुलना में केवल दस फीसदी ही हो रही है.
इस साल मई-जून तक जहां प्रतिदिन करीब 20 हजार ट्रक व ट्रैक्टर से बालू की बिक्री होती थी, वहीं अब केवल दो हजार गाड़ियों से प्रतिदिन इसकी बिक्री हो रही है. फिलहाल एनजीटी के निर्देश पर नदी घाटों पर एक जुलाई से 30 सितंबर तक बालू खनन बंद है.
बालू खनन बंद होने से पहले ही राज्य में करीब 60 करोड़ सीएफटी बालू का स्टॉक बंदोबस्तधारियों के यहां कर लिया गया था. ऐसे में खान एवं भूतत्व विभाग का दावा है कि इन दिनों बालू खनन बंद होने के बावजूद राज्य में इसकी कमी नहीं है. खान एवं भूतत्व विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य में इस साल मई-जून तक प्रतिदिन करीब 20 हजार ट्रक व ट्रैक्टरों से करीब 30 लाख सीएफटी बालू की बिक्री हो रही थी.
वहीं इस साल 30 जून तक राज्य में बंदोबस्तधारियों के पास करीब 60 करोड़ सीएफटी बालू का स्टॉक था. एक जुलाई से 30 सितंबर तक नदी घाटों से खनन बंद होने से करीब 92 दिनों के लिए इस स्टॉक की व्यवस्था की गयी थी. ऐसे में यदि पहले की तरह बालू की बिक्री जारी रहती तो यह स्टॉक करीब 200 दिन तक चलता. अब बिक्री केवल 10 फीसदी रह जाने से बालू का स्टॉक जरूरत से अधिक है.
क्या कहते हैं अधिकारी
खान एवं भूतत्व विभाग के अपर सचिव सह निदेशक अरुण प्रकाश ने कहा कि राज्य में बालू का पर्याप्त भंडार है. इसकी खपत में कमी आयी है.
पटना में 3300 रुपये प्रति 100 सीएफटी बालू की कीमत है तय
खान एवं भूतत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को उचित दर पर बालू मिले इसके लिए सरकार ने व्यवस्था की है. हालांकि, बाजार की मांग पर बालू की दर निर्भर होगी.
फिलहाल पटना में 3300 रुपये प्रति 100 सीएफटी, अररिया में 5300-5500 प्रति 100 सीएफटी बालू, बेगूसराय में 3500-4000 रुपये प्रति 100 सीएफटी, अरवल में 1800 से 2000 रुपये, औरंगाबाद में 2200- 2400 रुपये, बांका में 2200 से 2400 रुपये और वैशाली में 4000 रुपये प्रति सौ सीएफटी सरकारी दर है. हालांकि पटना में अब भी करीब छह हजार रुपये प्रति सौ सीएफटी बालू बिक रहा है.
