सुमित कुमार, पटना : लंबे समय से फ्लैट का इंतजार कर रहे कई ग्राहक बिल्डर के आश्वासन पर ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाणपत्र) लिये बिना ही अपने नये मकान या फ्लैट में गृह प्रवेश कर लेते हैं. मगर यह खतरनाक है. इसको लेकर बिहार रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने ग्राहकों को अागाह किया है. रेरा ने कहा है कि एक खरीदार के रूप में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट का बड़ा महत्व है, क्योंकि यह किसी भी प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति को सुरक्षित करता है.ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि प्रॉपर्टी पूरी तरह वैध है.
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के बिना नये फ्लैट में गृहप्रवेश करना असुरक्षित
सुमित कुमार, पटना : लंबे समय से फ्लैट का इंतजार कर रहे कई ग्राहक बिल्डर के आश्वासन पर ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाणपत्र) लिये बिना ही अपने नये मकान या फ्लैट में गृह प्रवेश कर लेते हैं. मगर यह खतरनाक है. इसको लेकर बिहार रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने ग्राहकों को अागाह किया है. रेरा […]

स्थानीय नगरपालिका करती है जारी
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट वह कानूनी दस्तावेज है जो प्रमाणित करता है कि निर्माण स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के मुताबिक है. स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों द्वारा निर्माण पूरा होने के बाद इसे जारी किया जाता है. इसके बिना आपके भवन में अधिभोग के लिए कोई कानूनी स्वीकृति नहीं है.
सीसी और ओसी के बीच अंतर
निर्माण क्षेत्र में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) और पूर्णता प्रमाणपत्र (सीसी) में अंतर है. सीसी साबित करता है कि बिल्डर ने भवन निर्माण में नियमों और मानकों का उल्लंघन नहीं किया है. उन्होंने एफएआर सीमा, संरचनात्मक डिजाइन, निर्माण की गुणवत्ता, आसपास की इमारतों से दूरी, भवन की ऊंचाई, मंजिलों की संख्या आदि के अनुसार इमारत का निर्माण किया है.
यह दस्तावेज किसी भी अपार्टमेंट या इमारत के लिए बुनियादी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए आवश्यक है. लेकिन, अकेले सीसी कब्जे को वैध नहीं कर सकता है. आपके पास ओसी भी होना चाहिए. ओसी प्रमाणित करता है कि अपार्टमेंट में मानकों के तहत सभी आवश्यक उपकरण व सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं.
ऐसे करें ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन
आप नगरपालिका से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं. यदि सभी स्वीकृतियां लागू हैं, तो आवेदन के 30 दिनों के भीतर एक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. इसके लिए आपको बिल्डर के समान दस्तावेज जमा करने होंगे.
अगर बिल्डर मना करे तो क्या करें?
अगर बिल्डर मना करे तो वकील के माध्यम से नोटिस देकर बिल्डर को आवेदन करने या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की एक प्रति सौंपने के लिए कह सकते हैं. इसके साथ ही आप राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) से भी संपर्क कर सकते हैं और डेवलपर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं. एनसीडीआरसी आपके लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट सुरक्षित करने के लिए डेवलपर को निर्देश जारी करेगा.
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं रहने पर क्या परेशानी
प्रॉपर्टी के अवैध होने पर लोकल अॉथोरिटी आपको हटाने का अधिकार रखती है.
पुनर्विक्रय फ्लैट खरीदने को होम लोन के लिए आवेदन करते समय ओसी महत्वपूर्ण है. संपत्ति को बिना ओसी के नहीं बेच सकते.
ओसी नहीं होने पर पानी, सीवरेज कनेक्शन, बिजली जैसी प्रमुख सुविधाएं काट दी जा सकती हैं.
अॉक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए दस्तावेज
प्रारंभ प्रमाणपत्र
समापन प्रमाणपत्र
बिल्ट एंड सेक्शन प्लान
आग और प्रदूषण के लिए एनओसी
आर्किटेक्ट द्वारा हस्ताक्षरित मंजिल की क्षेत्र गणना शीट
इमारत की तस्वीरें
कर भुगतान रसीद के साथ कर निर्धारण
वर्षा जल संचयन और सौर पैनल की तस्वीरें
सैंक्शंड प्लान की प्रति.
कब्जा से पहले ये जरूर देखें
1 पोजेशन लेटर
2 ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट
3 पार्किंग एरिया (जहां उपलब्ध हो)
4 फ्लोर प्लान का पालन
5 बुनियादी सुविधाएं
ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट बिल्डर व ग्राहक दोनों के लिए फायदेमंद है. इसके बाद अपार्टमेंट में कुछ भी कमी या गड़बड़ होने पर पूरी जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की होगी. इसके लिए बिल्डर को दोषी नहीं ठहराया जा सकेगा.
-आरबी सिन्हा, सदस्य, रेरा.