पटना : स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजधानी यानी नगर निगम क्षेत्र को ओडीएफ घोषित करना है. इसको लेकर निगम प्रशासन ने 500 मॉड्यूलर टॉयलेट और स्लम में सामुदायिक टॉयलेट बनाने की योजना बनायी थी. मॉड्यूडर टॉयलेट का कार्य जनवरी-फरवरी में ही पूरा करना था. लेकिन, अब तक 500 में से सिर्फ 375 मॉड्यूलर टॉयलेट ही बनाये गये है.
500 मॉड्यूलर टॉयलेट में से सिर्फ 375 ही बन सके
पटना : स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजधानी यानी नगर निगम क्षेत्र को ओडीएफ घोषित करना है. इसको लेकर निगम प्रशासन ने 500 मॉड्यूलर टॉयलेट और स्लम में सामुदायिक टॉयलेट बनाने की योजना बनायी थी. मॉड्यूडर टॉयलेट का कार्य जनवरी-फरवरी में ही पूरा करना था. लेकिन, अब तक 500 में से सिर्फ 375 मॉड्यूलर टॉयलेट […]

वहीं, स्लम में बनने वाले सामुदायिक टॉयलेट पर छत व सीट लगाने का काम बचा है. हालांकि, निगम प्रशासन का दावा है कि 2 अक्तूबर तक शत-प्रतिशत स्लम में सामुदायिक के साथ-साथ मॉड्यूलर टॉयलेट बन कर तैयार हो जायेगा और उन्हें ओडीएफ घोषित कर दिया जायेगा.निगम प्रशासन ने निजी एजेंसी के सहयोग से मॉड्यूलर टॉयलेट बनाने की योजना शुरू की.
शहर में 70 जगहों पर टॉयलेट बनने के बाद सिंचाई भवन के पास मेयर व नगर आयुक्त ने उद्घाटन किया. लेकिन, मेंटेनेंस को लेकर बेहतर कार्ययोजना नहीं बनायी गयी. इससे 10-15 दिनों में ही टॉयलेट गंदे हो गये और नल व टब गायब हो गये. इसके बाद निगम प्रशासन ने टॉयलेट के गेट में ताला लगा दिया, जिस कारण अधिकांश टॉयलेट बंद हैं.
मॉड्यूलर टॉयलेट का उपयोग करने वाले लोगों ने गंदा करना शुरू किया, तो निगम प्रशासन ने टॉयलेट बंद कर दिया और निर्णय लिया कि टॉयलेट उपयोग करने वालों से शुल्क लिया जायेगा. इसको लेकर मॉड्यूलर टॉयलेट के गेट में स्मार्ट ताला लगाया जायेगा और पहले चरण में 1.5 लाख लोगों को मुफ्त में स्मार्ट कार्ड दिया जायेगा. इस स्मार्ट कार्ड के जरिये शुल्क का भुगतान व उपयोग कर सकेंगे. लेकिन, अब तक योजना लटकी हुई है.