पटना : भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 370 को रद्द करना और जम्मू एवं कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों लद्दाख और जम्मू एवं कश्मीर में विभाजित करना भारतीय संविधान के विरुद्ध तख्तापलट जैसी कार्यवाही से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में जम्मू एवं कश्मीर की जनता के साथ पार्टी खड़ी है और यह आह्वान करती है कि संविधान पर हुए इस हमले और तख्तापलट के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जाएं.
हम मांग करते हैं कि कश्मीर घाटी से सैन्य बल तुरंत हटाये जाएं, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को तुरंत बहाल किया जाये और सभी विपक्षी नेताओं को नजरबंदी से तत्काल रिहा किया जाये. वहीं, भाकपा-माले के बिहार सचिव कुणाल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने एनआइए और आरटीआइ में संशोधन के बाद कश्मीर की स्वायत्तता और उसे भारत से जोड़े रखने की कड़ी अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म कर दिया है. इसके खिलाफ भाकपा-माले ने पांच और छह अगस्त को विरोध की घोषणा की है. कश्मीर व देश के संविधान से खिलवाड़ बंद करने की मांग के साथ यह कार्यक्रम किया जायेगा.
