दानापुर/मसौढ़ी : दानापुर व धनरूआ में शनिवार को बच्चा चोरी के शक में दो लोगों को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला. जानकारी के अनुसार दानापुर के रूपसपुर थाना क्षेत्र के चुल्हाईकचक और सबरीनगर मे देर रात बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए तीन लोगों की जमकर पिटाई की गयी जिसमें 40 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गयी व दो अन्य घायल हो गये.
वहीं धनरूआ थाने के कालीचक गांव में शनिवार की देर शाम ग्रामीणों ने बच्चा चोरी के शक में 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति को लाठी-डंडे से पीट मार डाला. दानापुर की घटना में सूचना पाकर पहुंची पुलिस के साथ भी लोगों ने हाथापाई करते हुए गाड़ी को भी क्षति पहुचायी. इसमें तीन पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की सूचना है.
वहीं धनरूआ में मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर लिया. थाने के चौकीदार के बयान पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कालीचक गांव में एक ग्रामीण के घर के पास उसका एक बच्चा खेल रहा था. उसी वक्त वहां से 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति गुजर रहा था.
व्यक्ति ने हॉफ पैंट पहन रखा था और उसके बदन पर कोई कपड़ा नहीं था. उसकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी व बाल बिखरे थे. उसे देख गांव के कुछ युवक चोर-चोर का हल्ला करने लगे. यह सुन व्यक्ति भागने लगा. इस पर ग्रामीणों ने खदेड़कर उसे गांव से उत्तर-पूरब अलंग के पास पकड़ लिया और लाठी-डंडे से पीट-पीट कर उसे मार डाला. उसे मृत देख ग्रामीण अपने-अपने घर चले गये. एसडीपीओ सोनू कुमार राय भी धनरूआ थाना पहुंच गये थे.घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस किसी उस व्यक्ति को तलाश करती रही जिसने घटना का वीडियो बनाया था. पुलिस को विश्वास था कि शायद किसी ने घटना का वीडियो बनाया होगा. अगर वह वीडियो मिल जाता तो आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सहूलियत होती, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा कोई वीडियो नहीं लगा है.
वहीं एसडीपीओ सोनू कुमार राय व थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने उनके द्वारा घटनास्थल का शनिवार की रात मुआयना करते वक्त की फोटो लेने का प्रयास करते एक पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्होंने उनका मोबाइल पकड़ लिया.
ससमय पुलिस पहुंचती तो बच सकती थी जान
कालीचक गांव के एक ग्रामीण ने बताया कि जिस समय ग्रामीण व्यक्ति को पीट रहे थे उसी वक्त उसने थाने को फोन किया था, लेकिन पुलिस घटना के करीब 45 मिनट बाद पहुंची. तब तक ग्रामीणों ने व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला था. ग्रामीणों के मुताबिक अगर पुलिस वक्त पर पहुंच गयी होती तो व्यक्ति की जान बच सकती थी.
मालूम हो कि धनरूआ थाने से कालीचक गांव की दूरी मात्र तीन किलोमीटर है जो एसएच-01 से सटा है. इस तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को 45 मिनट लग गये. थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि उन्हें किसी ग्रामीण ने किसी अधेड़ को पीटे जाने की सूचना फोन पर नहीं दी थी. उन्हें बाद में कालीचक गांव के पास एक शव होने की सूचना मिली थी.
प्रभात अपील
खुद कानून हाथ में न लें
राजधानी में मॉब लिंचिंग की लगातार बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं. किसी भी मामले में सिर्फ शक के आधार पर किसी को घेर कर उसकी पिटाई करके जान लेने की कोशिश निंदनीय है. भीड़ द्वारा इस प्रकार की हरकत मानव सभ्यता और संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है. अगर कहीं कुछ गलत हो रहा है या गलत की आशंका है तो उसके लिए कानून है, व्यवस्था है. उसके जरिये जांच, पड़ताल या फैसला होना चाहिए.
