पटना : तुम याद करो कैसे वन में खुले ठहाके भरते थे. शेरों को डांटा करते थे शेरों से बातें करते थे. इस कविता को पढ़ते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पर्यावरण का महत्व समझाया और कहा कि बिहार पर्यावरण संरक्षण में पूरे देश में नजीर बनेगा.
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए कई स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं. सभी सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ अब सोलर पैनल लगाये जायेंगे. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री आवास से की गयी है. सीएम ने शहर के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में गुरुवार को वन महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि एक से 15 अगस्त तक डेढ़ करोड़ पौधे लगाये जायेंगे.
इस दौरान सीएम, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, कृषि मंत्री प्रेम कुमार समेत स्कूली बच्चों ने भी ग्राउंड में पौधारोपण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में सुबह प्रार्थना के बाद बापू की कहानी के पाठ के साथ ही पर्यावरण जागरूकता पर कविता का भी पाठ होगा. कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक गीत प्रस्तुत किया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा है, जो कभी नष्ट नहीं होगी. यह पर्यावरण के अनुकूल भी है. कोयले से पैदा होने वाली बिजली तो एक समय बाद समाप्त हो जायेगी. अब घर-घर तक बिजली पहुंच गयी है, तो सौर ऊर्जा की बात शुरू की जायेगी. उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली का मतलब जल और हरियाली के बीच जीवन है.
जल और हरियाली खत्म मतलब जीवन खत्म. जल-जीवन-हरियाली के लिए मिशन मोड में अभियान चलेगा. राज्य में इसके तहत काम करने के लिए हर बात का समय निर्धारित होगा. इसके लिए नयी कार्ययोजना तैयार की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव के दौरान सभी सरकारी परिसरों के अलावा आहर, पइन, पोखर, तालाब और सड़क किनारे के अलावा निजी भूमि पर भी पौधे लगाये जायेंगे. मौजूदा 15% हरित आवरण को बढ़ाकर वर्ष 2022 तक 17% करना लक्ष्य है.
अब ज्यादा उम्र के लोगों को है समझाना
सीएम ने कहा कि बच्चों में पर्यावरण को लेकर जागृति आ चुकी है. अब ज्यादा उम्र के लोगों को समझाने की जरूरत है. लोग मेहनत से कमाएं और साथ ही धरती को भी नष्ट होने से बचाएं. धरती नष्ट करके पैसे नहीं कमाएं. आज लोग विकास के नाम पर पर्यावरण को प्रदूषित कर बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं.
पहले िबहार में होती थी 1200-1500 मिमी बारिश
नीतीश कुमार ने कहा कि जब हमलोग कॉलेज में पढ़ते थे, तो राज्य में 1200 से 1500 मिमी बारिश होती थी. पिछले 30 वर्षों में औसत वर्षा 1000 मिमी व पिछले 13 वर्षों में औसत वर्षा 900 मिमी हुई है. पिछले वर्ष मात्र 775 मिमी बारिश हुई थी. वर्ष 2017 की तरह की इस वर्ष भी उत्तर बिहार में फ्लैश फ्लड की स्थिति हुई है.
पर्यावरण बनाम विकास की लड़ाई चल रही : मोदी
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अभी पर्यावरण बनाम विकास की लड़ाई चल रही है. विकास के नाम पर पृथ्वी पर हमला कर रहे हैं. ऐसे में पर्यावरण को संरक्षित करने के तमाम उपाये करने होंगे. वन महोत्सव के तहत कोई भी व्यक्ति 10 रुपये में किसी तरह का पेड़ खरीद सकते हैं.
उन्होंने कहा कि जिनके पास जमीन नहीं, वे छत पर पेड़ लगा सकते हैं. जिनके पास छत नहीं, वे गमला में पेड़ लगा सकते हैं. इस कार्यक्रम को कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने भी संबोधित किया. स्वागत संबोधन वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन पीसीसीएफ एसएस चौधरी ने किया.
प्रभात खबर अभियान पौधे लगाएं, सेल्फी भेजें
पर्यावरण के प्रति सजग रहना जरूरी है़ जल और हरियाली को सहेजने की जिम्मेदारी सभी की है. इसी से जीवन सुरक्षित रहेगा. सरकार ने एक से 15 अगस्त तक वन महोत्सव के दौरान डेढ़ करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है. ‘प्रभात खबर’ अपने पाठकों से भी बढ़-चढ़कर पौधारोपण की अपील करता है. आप पौधे लगाते हुए सेल्फी हमें भेजें. हम उसे अखबार में प्रकाशित करेंगे. फोटो के साथ नाम, मोबाइल नंबर व पौधा लगाने की जगह का जिक्र जरूर करें. आप 9708211701 पर व्हाट्सअप कर सकते हैं.
