आज से मध्याह्न भोजन की पुरानी व्यवस्था ही होगी प्रभावी
पटना : सोमवार से प्राथमिक एवं सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण की जिम्मेदारी स्कूल की समिति ही उठायेगी. जिन स्कूलों के पास मध्याह्न भोजन बनाने के लिए सामग्री नहीं है, वहां हर हाल में सोमवार को दोपहर से पहले सामग्री पहुंचा दी जायेगी.
जानकारों के मुताबिक जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को मध्याह्न भोजन के संबंध में विभागीय आदेश की प्रतीक्षा रहेगी. दरअसल मध्याह्न भोजन के लिए प्रतिबंधित किये गये एनजीओ को दस क्विंटल से अधिक चावल दिया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य सामग्री भी दी गयी है.
अगर मध्याह्न भोजन के संदर्भ में मध्याह्न भोजन निदेशालय और एनजीओ के बीच हुआ करार भंग होता है तो उससे अनाज वापस ले लिया जायेगा. विदित हो कि बेशक मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था से जुड़े एनजीओ को मध्याह्न भोजन वितरण न करने के लिए कहा गया है, लेकिन उसका करार अभी भी सक्रिय अवस्था में है. वह भंग नहीं हुआ है.मंगलवार तक एनजीओ का स्पष्टीकरण आना है. इस स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति साफ हाे सकेगी.
गौरतलब है कि सरकार ने शहर और उसके आसपास के 1005 स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण बांटने की जिम्मेदारी स्वयं सेवी संस्था ‘जन चेतना जागृति एवं शैक्षणिक विकास मंच’ को सौंपी गयी थी. समय पर भोजन न पहुंचा पाने और बच्चों को भोजन पसंद न आने की वजह से ये नयी व्यवस्था स्थगित कर दी गयी है. मध्याह्न भोजन के प्रभारी डीपीओ रुपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिन स्कूलों में अभी अनाज नहीं है,वहां समय पर अनाज पहुंचा दिया जायेगा.
