पटना : माॅनसून सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में आसन की एक घोषणा सरकार के लिए ढाल बन गयी. चर्च की जमीन के मामले में सरकार को घेरने के के विपक्ष के मंसूबों पर पानी फिर गया. सत्ता पक्ष पूरी तैयारी से बैठा था कि सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने से पहले विपक्ष जिस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा उससे सरकार का बचाव कैसे करना है. वहीं, राजद आरोप पत्र तक के पर्चे बंटवाने को फोटो स्टेट का सेट तैयार कर चुका था.
सरकार के लिए ''ढाल'' बनी आसन की घोषणा
पटना : माॅनसून सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में आसन की एक घोषणा सरकार के लिए ढाल बन गयी. चर्च की जमीन के मामले में सरकार को घेरने के के विपक्ष के मंसूबों पर पानी फिर गया. सत्ता पक्ष पूरी तैयारी से बैठा था कि सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने से […]

इधर सदन स्थगित करने की जारी हो गयी सूचना
इधर, सदन में सीएम के पहुंचने की खबर मिलते ही जदयू के जो सदस्य बाहर थे वह भी तेज कदमों से सदन में प्रवेश करने लगे. वहीं, राबड़ी देवी अन्य दिनों की अपेक्षा अपने स्थान पर पहले पहुंच चुकी थीं. कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही राजद के सुबोध कुमार उठे आैर चर्च की जमीन को लेकर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर आरोप लगाने लगे.
आसन ने सुबोध कुमार से कहा भी कि अब यह आरोप लगाने का समय नहीं है लेकिन सुबोध कुमार माने नहीं वह आरापे पत्र पढ़ते रहे. कार्यकारी सभापति मो हारुण रशीद ने स्थिति को भांपते हुए भोजनावकाश की कार्यवाही शुरू होने के दस मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.